Font by Mehr Nastaliq Web

राम पर उद्धरण

सगुण भक्ति काव्यधारा

में राम और कृष्ण दो प्रमुख अराध्य देव के रूप में प्रतिष्ठित हुए। राम की प्रतिष्ठा एक भावनायक और लोकनायक की है जिन्होंने संपूर्ण रूप से भारतीय जीवन को प्रभावित किया है। समकालीन सामाजिक-राजनीतिक घटनाक्रमों ने भी राम को कविता चिंतन का प्रसंग बनाया। इस चयन में राम के अवलंब से अभिव्यक्त बेहतरीन दोहों और कविताओं का संकलन किया गया है।

quote

विष्णु पोषण करते हैं इसलिए उनके अवतार राम और कृष्ण की पूजा भी कम नहीं होती।

अमृतलाल वेगड़
quote

ईश्वर के रूप में राम का परित्याग करके भारत का काम चल सकता है, लेकिन एक संस्कृति-पुरुष के नाते, एक काव्य-प्रतीक के नाते, राम का परित्याग करके कैसे काम चल सकता है? एक नास्तिक, विदेशी समाजशास्त्री जितनी संवेदना राम के चरित्र को दे सकता है; यदि उतनी भी हम देंगे, तो क्या राष्ट्र को तोड़ने के पाप के भागी बनेंगे?

राजेंद्र माथुर
quote

स्मृति और पुराण; सीमित बुद्धिवाले व्यक्तियों की रचनाएँ हैं और भ्रम, त्रुटि, प्रमाद, भेद तथा द्वेष भाव से परिपूर्ण हैं। उनके केवल कुछ अंश जिनमें आत्मा की व्यापकता और प्रेम की भावना विद्यमान है—ग्रहण करने योग्य हैं, शेष सबका त्याग कर देना चाहिए। उपनिषद् और गीता सच्चे शास्त्र हैं और राम, कृष्ण, बुद्ध, चैतन्य, नानक, कबीर आदि सच्चे अवतार हैं, क्योंकि उनके हृदय आकाश के समान विशाल थे और इन सबमें श्रेष्ठ हैं रामकृष्ण। रामानुज, शंकर इत्यादि संकीर्ण हृदय वाले, केवल पंडित मालूम होते हैं।

स्वामी विवेकानन्द
quote

राम में सौंदर्य, शक्ति और शील, तीनों की चरम अभिव्यक्ति एक साथ समन्वित होकर; मनुष्य के संपूर्ण हृदय को—उसके किसी एक ही अंश को नहीं—आकर्षित कर लेती है।

आचार्य रामचंद्र शुक्ल
quote

राम या कृष्ण की दैवी छवि के 'भाव' का; एक परिचित अभिनेता के व्यक्तित्व में विघटित हो जाना उस आदि मिथक-शक्ति का अवमूल्यन है, जिसे कविता आह्वानात्मक ढंग से इस्तेमाल करती है।

कुँवर नारायण
quote

तुलसी के मानस से रामचरित की जो शील-शक्ति-सौंदर्यमयी स्वच्छ धारा निकली, उसने जीवन की प्रत्येक स्थिति के भीतर पहुँचकर; भगवान् के स्वरूप का प्रतिबिंब झलका दिया।

आचार्य रामचंद्र शुक्ल
quote

अनंत शक्ति के साथ धीरता, गंभीरता और कोमलता—'राम' का प्रधान लक्षण है। यही उनका 'रामत्व' है।

आचार्य रामचंद्र शुक्ल
quote

तुलसी की वाणी मनुष्य जीवन की प्रत्येक दशा तक पहुँचनेवाली है, क्योंकि उसने रामचरित का आश्रय लिया है।

आचार्य रामचंद्र शुक्ल
quote

हृदय में निर्गुण ब्रह्म का ध्यान, नेत्रों के सामने सगुण रूप की सुंदर झाँकी और जीभ से सुंदर राम नाम का जप करना। यह ऐसा है मानो सोने की सुंदर डिबिया में मनोहर रत्न सुशोभित हो।

तुलसीदास
quote

प्रेम की चरम परिणति दांपत्य में, स्त्री-पुरुष के प्रेम में प्रस्फुटित होती है। स्त्री और पुरुष एक-दूसरे के सहभाव से परिपूर्ण बनते हैं, यही बात सीता और राम के प्रसंग में वाल्मीकि ने कई बार कही है।

राधावल्लभ त्रिपाठी
quote

राम ईश्वर का भक्त था, इसलिए बात भी वैसी ही करता था। उसको मैंने भगवान नहीं माना है—भक्त ही माना है।

महात्मा गांधी
quote

करोड़ों हिंदुस्तानियों ने, युग-युगांतर के अंतर में, हज़ारों बरस में राम, कृष्ण और शिव को बनाया। उनमें अपनी हँसी और सपने के रंग भरे और तब राम और कृष्ण और शिव जैसी चीज़ें सामने हैं।

राममनोहर लोहिया
quote

गोस्वामी जी की राम-भक्ति वह दिव्य वृत्ति है जिससे जीवन में शक्ति, सरसता, प्रफुल्लता, पवित्रता, सब कुछ प्राप्त हो सकती है।

आचार्य रामचंद्र शुक्ल
quote

आश्चर्य है, वैद्य मरते हैं, डॉक्टर मरते हैं, उनके पीछे हम भटकते हैं। लेकिन राम जो मरता नहीं है, हमेशा ज़िंदा रहता है और अचूक वैद्य है, उसे हम भूल जाते हैं।

महात्मा गांधी
quote

राम और रावण के बीच की भारी लड़ाई में, राम भलाई की ताक़तों के प्रतीक थे और रावण बुराई की ताक़तों का। राम ने रावण पर विजय पाई, और इस विजय से हिंदुस्तान में रामराज्य क़ायम हुआ।

महात्मा गांधी
quote

आश्चर्य है, वैद्य मरते हैं, डॉक्टर मरते हैं, उनके पीछे हम भटकते हैं। लेकिन राम जो मरता नहीं है, हमेशा ज़िंदा रहता है और अचूक वैद्य है, उसे हम भूल जाते हैं।

महात्मा गांधी
quote

चित्त के कुविचार आसानी से नहीं टल सकते। रामका नाम लेने से ही वह ख़ाली हो सकता है।

महात्मा गांधी
quote

वाणी से राम नाम लेते हुए यदि मन विषय की ओर दौड़े तो इसे भगवान का स्मरण नहीं वरन् विस्मरण समझना चाहिए।

संत एकनाथ
quote

ग़ुलाम का दीन है धर्म है, ग़ुलाम के रहीम है, राम हैं।

देवराज दिनेश
quote

जो अपने भीतर दिव्य ज्योति जगाने को तड़प रहा हो उसे प्रार्थना का आसरा लेना चाहिए। परंतु प्रार्थना शब्दों या कानों का व्यायाम मात्र नहीं है, ख़ाली मंत्र जाप नहीं है। आप कितना ही राम नाम जपिए, अगर उससे आत्मा में भावसंचार नहीं होता तो वह व्यर्थ है। प्रार्थना में शब्दहीन, हृदय, हृदयहीन शब्दों से अच्छा होता है। प्रार्थना स्पष्ट रूप से आत्मा की व्याकुलता की प्रतिक्रिया होनी चाहिए।

महात्मा गांधी
quote

रामायण में सीता राम के लिए पाथेय और प्राप्तव्य ही नहीं, वह उसके जीवन की संपूर्ण नियति को निर्धारित करने वाली सजीव शक्ति है।

राधावल्लभ त्रिपाठी
quote

अंतर्यामी ईश्वर से भी बड़े बहिर्गत साकार राम हैं,क्योंकि जिस प्रकार कुछ ही समय पूर्व व्यापी गो अपने बच्चे का शब्द सुनते ही स्तनों में दूध उतार दौड़ी आती है, उसी प्रकार वे भी नाम लेते ही दौड़े आते हैं। तुलसीदास तो अपनी समझ की बात कहता है, ऐसी बावली बातें दूसरे लोगों से कहे जाने योग्य नहीं हुआ करती, प्रह्लाद के प्रतिज्ञा करने पर उसके लिए प्रभु पत्थर से ही प्रकट हो गए, हृदय से नहीं।

तुलसीदास
quote

राम और कृष्ण के मिथक संकल्प और संवेग के चैतन्य स्रोत हैं।

कुबेरनाथ राय
quote

राम से बड़ी ट्रेजेडी किसी के जीवन में हो—ऐसा कोई दूसरा नायक दिखाई नहीं पड़ता।

नामवर सिंह
quote

वाल्मीकि में मनुष्य को अपना उद्धार स्वयं ही करना है, तुलसी में उसका उद्धार करने के लिए राम हैं।

राधावल्लभ त्रिपाठी
quote

चरित्रवान् व्यक्ति को ढूँढ़ने के लिए ही आदिकाव्य रामायण का जन्म हुआ है।

वासुदेवशरण अग्रवाल
quote

राम यदि समग्र मानवीय गुणों के उज्ज्वल प्रतीक हैं, तो हनुमान समग्र मानसिक और भौतिक क्षमता के।

राधावल्लभ त्रिपाठी
quote

राम और सीता के जीवन की करुणा में समस्त ब्रह्माण्ड समाया-सा लगता है।

राधावल्लभ त्रिपाठी
quote

राम आदर्श मानव हैं, जो अपने श्रेष्ठ गुणों और सदाचरण के कारण ईश्वरत्व को प्राप्त करते हैं। एक श्रेष्ठ मनुष्य के अनुकरणीय चरित्र का वर्णन कर-करके, इसके द्वारा समाज को संमार्ग पर प्रेरित करने का प्रयास सनातन काल से होता आया है।

राधावल्लभ त्रिपाठी
quote

राम-भक्ति अपने में एक साम्राज्य के समान है। जो इस साम्राज्य के अधिकारी होते हैं, उनके दर्शन मात्र से ब्रह्मानंद की प्राप्ति हो जाती है। परोक्ष रूप से प्राप्त आनंद ही इतना लोकोत्तर है, तो फिर उसकी प्रत्यक्ष अनुभूति कैसी होती है, इसका वर्णन करना मेरे लिए संभव नहीं है। उसे केवल अनुभव से जाना जा सकता है। कोलाहल से भरा हुआ यह संसार, ये तीनों लोक, ईश्वर की लीला के परिणाम मात्र हैं। इस मायामय संसार का सनातन सत्य केवल राम-भक्ति में पाया जा सकता है।

त्यागराज
quote

कवि और उसका काव्य—दोनों एक-दूसरे से पृथक् नहीं किए जा सकते, इसीलिए वाल्मीकि और उनके आदर्श राम, एक-दूसरे से अभिन्न हैं।

वासुदेवशरण अग्रवाल
quote

जिस अहल्या को पति और पुरुष समाज ने लांछित करके त्याग दिया था, राम उसे माता कहकर संबोधित करते हैं और सादर प्रणाम करते हैं।

राधावल्लभ त्रिपाठी
quote

राम का निर्वासन वस्तुतः सीता का दुहरा निर्वासन है।

विद्यानिवास मिश्र
quote

प्राचीन ऋषियों ने जिस बुद्धियोग का विकास किया था, राम उसके उदाहरण हैं।

वासुदेवशरण अग्रवाल
quote

मन, कर्म और वाणी से राम जो भी चरित्र करते हैं, उससे हमें धर्म की नई-नई व्याख्या प्राप्त होती है।

वासुदेवशरण अग्रवाल
quote

राम सनातन धर्मवृक्ष के बीज हैं।

वासुदेवशरण अग्रवाल
quote

जो मनुष्य रामनाम को अपने हृदय में अंकित करता है उसको मरना है ही कहाँ।

महात्मा गांधी
quote

राम का जन्म अयोध्या में नहीं हुआ था बल्कि जब गोडसे ने गांधी को पिस्तौल से मारा था, तब गांधी के मुँह से जो राम निकला, वह असली राम था।

यू. आर. अनंतमूर्ति
quote

रामत्व से रहित राजनिति केवल विष रच सकती है, हमें राम की राह नहीं दीखा सकती।

कृष्ण बिहारी मिश्र
quote

पूर्ण ‘भारतीय’ बनने का अर्थ है ‘राम’ जैसा बनना।

कुबेरनाथ राय
quote

वाल्मीकि के राम लीलामय परमेश्वर के अवतार नहीं; मर्त्यलोक के मानव ही हैं, पर वे अपने संघर्ष, जिजीविषा, विवेक और सद्भावना द्वारा मनुष्य का उत्कृष्ट गरिमामय रूप प्रकट करते हैं।

राधावल्लभ त्रिपाठी
quote

राम तो लौटकर राजा होते हैं, पर रानी होते ही सीता राजा रामद्वारा वन में निर्वासित कर दी जाती हैं।

विद्यानिवास मिश्र
quote

राम नियतात्मा है।

वासुदेवशरण अग्रवाल
quote

राम नियतात्मता हैं।

वासुदेवशरण अग्रवाल
quote

सप्तसिंधु और गंगा की अंतर्वेदी में दृढ़ता के साथ जिन आर्यो ने सभ्यता का विकास किया—मालूम होता है राम उनके मूर्त्तिमान् प्रतीक हैं।

वासुदेवशरण अग्रवाल
quote

राम शरीरधारी धर्म है।

वासुदेवशरण अग्रवाल
quote

'राम' ऐतिहासिक व्यक्ति नहीं हैं लेकिन 'ईसा' ऐतिहासिक व्यक्ति हैं, 'मुहम्मद' ऐतिहासिक व्यक्ति हैं।

यू. आर. अनंतमूर्ति

aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere

हिन्दवी उत्सव, 27 जुलाई 2025, सीरी फ़ोर्ट ऑडिटोरियम, नई दिल्ली

रजिस्टर कीजिए