Font by Mehr Nastaliq Web

मिथक पर उद्धरण

मिथक शब्द मिथ या माइथॉस

का हिंदी रूपांतरण है। इसका सामान्य अर्थ लोकरूढ़ि या अनुश्रुति है। यह पुरातन को नवीन परिप्रेक्ष्य में रखते हुए सत्य की प्रतिष्ठा करता है। यह प्रतीकों पर आश्रित होता है लेकिन स्वयं प्रतीक नहीं होता है। समाज और साहित्य में मिथकों की अपनी उपयोगिता रही है। प्रस्तुत चयन में मिथकों के प्रयोग से बुनी कविताओं का संकलन किया गया है।

quote

जैसे उपन्यास का सच संसार के सच से ज़्यादा सच्चा होता है, उसी तरह हमारा पुराण-सत्य, हमारा मिथक-सत्य—आपके इतिहास-सत्य से कहीं ज़्यादा ऊँचा है।

राजेंद्र माथुर
quote

प्रेम की भावना हम सभी को दूसरे व्यक्ति को जानने की भ्रामक मिथ्या धारणा देती है।

मिलान कुंदेरा
quote

राम या कृष्ण की दैवी छवि के 'भाव' का; एक परिचित अभिनेता के व्यक्तित्व में विघटित हो जाना उस आदि मिथक-शक्ति का अवमूल्यन है, जिसे कविता आह्वानात्मक ढंग से इस्तेमाल करती है।

कुँवर नारायण
quote

मिथक में मात्र स्मरण साक्ष्यों के सिद्धांत का सिद्धांत निहित है, वरन् साथ ही विस्मरण का सिद्धांत भी।

आशीष नंदी
quote

जब पृथ्वी नहीं थी, सूर्य तब भी था। किंतु उसका उदय-अस्त नहीं था, दिन-रात नहीं थे, वर्ष नहीं थे, ऋतु-परिवर्तन भी नहीं था। ये सभी पृथ्वी के आने के बाद आए। सूर्य को सार्थकता पृथ्वी ने दी। अगर पृथ्वी होती तो सूरज अकारथ हो जाता। पृथ्वी होती तो सौर-मंडल में मौत का सन्नटा होता। सूर्य के और भी बालक हैं ज़रूर, पर वे तो मरे हुए जन्में थे। किसी में भी प्राण-प्रतिष्ठा हो सकी। सूर्य की जीवित संतान तो है एकमात्र पृथ्वी।

अमृतलाल वेगड़
quote

परंपरा मिथक होती है, इतिहास। दोनों के तत्त्व उसमें घुले-मिले होते हैं।

श्यामाचरण दुबे

aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere

हिन्दवी उत्सव, 27 जुलाई 2025, सीरी फ़ोर्ट ऑडिटोरियम, नई दिल्ली

रजिस्टर कीजिए