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राम पर गीत

सगुण भक्ति काव्यधारा

में राम और कृष्ण दो प्रमुख अराध्य देव के रूप में प्रतिष्ठित हुए। राम की प्रतिष्ठा एक भावनायक और लोकनायक की है जिन्होंने संपूर्ण रूप से भारतीय जीवन को प्रभावित किया है। समकालीन सामाजिक-राजनीतिक घटनाक्रमों ने भी राम को कविता चिंतन का प्रसंग बनाया। इस चयन में राम के अवलंब से अभिव्यक्त बेहतरीन दोहों और कविताओं का संकलन किया गया है।

आउ हमर हे राम प्रवासी

कालीकान्त झा ‘बूच’

कवन बन गइलैं ललना हमार हो

रामजियावान दास ‘बावला’

कौशल्या राम से

रामजियावान दास ‘बावला’

केवट बोलल रामचन्द्र से

रामजियावान दास ‘बावला’

श्री राम केवट संवाद

कालीकान्त झा ‘बूच’

सिया सँ रामक परतर

कालीकान्त झा ‘बूच’

aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere

हिन्दवी उत्सव 2026

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