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बेला

साहित्य और संस्कृति की घड़ी

17 सितम्बर 2026

‘कहानी : खिल्ली विनाशालय’

‘कहानी : खिल्ली विनाशालय’

मेरे देश का नाम है—घरघराहट! मेरा प्यारू देश है दुनिया का सबसे न्यारू देश और मेरे देश से बाहर जो भी हैं वे सब साले हैं झरझरालू देश। मेरा अपना पर्सनल नाम सुकुमार समस्या कुमार है। मेरे पैदा होने के बा

17 सितम्बर 2026

अनफ़्रेम्ड : AI से परे हाँफता वो असल ‘अस्सी’

अनफ़्रेम्ड : AI से परे हाँफता वो असल ‘अस्सी’

अस्सी का दशक एक रस्सियों से बँधा हिलता हुआ पुल था। इसके एक छोर पर पीली टिमटिमाती हुई रोशनियाँ थीं और दूसरे छोर पर नीली डेनिम पहने हाथ में गिटार लिए कोई युवा। शुरुआत जर्जर और थकी हुई थी और अंत ओस की ब

16 सितम्बर 2026

कहानी : गश्ती

कहानी : गश्ती

चाईं उर्फ निशू भाई के पास कमाल का गुण था—वह सड़क पर चलती, खड़ी, इठलाती, इतराती, मुस्काती लड़की को देखकर बता देता था, ‘यह गश्ती है, चल भाई लपक लिया जाए...’ अपने जादुई अनुमान पर वह कभी फ़ेल नहीं हुआ

16 सितम्बर 2026

मिर्ज़ापुर : कहानीहीन अंतहीन सिनेमा

मिर्ज़ापुर : कहानीहीन अंतहीन सिनेमा

सर पानी में डूबता है, गोली सिर के पीछे से माथे को चीरती हुई निकलती है, पूरा का पूरा पानी सुर्ख़ लाल हो जाता है और इसी कलात्मकता के साथ फ़िल्म सबसे पहले अपने नाम से आपको रूबरू करवाती है। एक पारंपरिक भ

15 सितम्बर 2026

कहानी : प्रोजेक्ट एक्रिडोथेरेस : डिफ़ॉल्ट सेटिंग हैपीनेस

कहानी : प्रोजेक्ट एक्रिडोथेरेस : डिफ़ॉल्ट सेटिंग हैपीनेस

इतनी रात को क्या कर रहे हो? इंतिज़ार... दोस्त का... दोस्त? हाँ, दोस्त ही तो... ट्रेन का इंतिज़ार करते, लास्ट मिनिट ब्लिंकइट ऑर्डर का इंतिज़ार करते, सेलरी का इंतिज़ार करते, किसी विशेष मैसे

15 सितम्बर 2026

C/O बंगाल : शरतचंद्र के दिन

C/O बंगाल : शरतचंद्र के दिन

“मेरी विद्या-बुद्धि कुछ भी नहीं थी। बहुत दरिद्रता में दिन कटे हैं। बीस रुपये के अभाव में मैं परीक्षा में बैठने तक से वंचित रह गया था। ऐसे दिन भी आए, जब भगवान् से प्रार्थना करता था—‘हे भगवान्, कुछ दिन

14 सितम्बर 2026

कहानी : सॉरी, यू आर नॉट रजिस्टर्ड!

कहानी : सॉरी, यू आर नॉट रजिस्टर्ड!

यह दिसंबर की साँझ थी। पावर प्लांट की एक परिचित, ठंडी और गहराती साँझ।  प्रशासनिक भवन के भीतर अभी भी रोशनी थी... हल्की, दूधिया, स्थिर, अलसाई हुई-सी जैसे ऑफ़िस की ट्यूबलाइटें भी पूरे दिन की गहमा-गहमी

13 सितम्बर 2026

ज्ञानेंद्रपति से बातचीत : कुछ कहा, कुछ रह गया

ज्ञानेंद्रपति से बातचीत : कुछ कहा, कुछ रह गया

‘हिन्दवी’ के वार्षिक आयोजन ‘हिन्दवी उत्सव’ [23 अगस्त 2026] के लिए ज्ञानेंद्रपति जी को बनारस से लेकर मेरा इलाहाबाद जाना तय हुआ था। मेरी एक कविता पर हिंदी समय-समाज आंदोलित था और मैं भीतर से बेतरह भरा ह

12 सितम्बर 2026

80 के दशक के रेट्रो लुक से स्मृति और नॉस्टेल्जिया तक

80 के दशक के रेट्रो लुक से स्मृति और नॉस्टेल्जिया तक

यह बात मान लेनी चाहिए कि हम अपने अतीत से कितना स्नेह रखते हैं। हम वहाँ सुखद अनुभूति करते हैं, सुरक्षित महसूस करते हैं। अतीत हमारे वर्तमान की ख़ाली जगहों को भरता है। वह बार-बार याद आता है, बावजूद इसके

12 सितम्बर 2026

शनिवारेर चिट्ठी : दोष लगे सितंबर को!

शनिवारेर चिट्ठी : दोष लगे सितंबर को!

प्रस्थान  कुछ बादल अधिक, कुछ धूल कम। सितंबर। कोई गली ठीक उसी छत पर नहीं रुकती। अकेली नमी कोई त्योहार नहीं है। घाणी है सुनहरी। बचने का संकेत कभी बताया नहीं जाता। सितंबर कोई ठहराव नहीं है। कीचड़ से