کی
सीमित लोगों से परिचय हो, ज़िंदगी में ख़ुद के लिए वक़्त हो, बिना मतलब दूसरों की दख़लअंदाज़ी न हो, दिमाग़ शांत रहे तो दिल ख़ुश रहता है।
कोई आदमी जब रिश्ता तोड़ता है तो दूसरी औरत से जोड़ने के लिए तोड़ता है। उसका यह फ़ैसला बाहरी इच्छाओं से प्रभावित होता है, लेकिन जब एक औरत यह फ़ैसला लेती है तो अक्सर दिल की आवाज़ पर लेती है।
आपकी ज़िंदगी में कोई शख़्स शामिल है और आप इस बात को लेकर असमंजस में हैं कि उसका आपके जीवन में होना सही है या ग़लत तो ऐसे में क्या करें? अगली बार जब आप उसके साथ हों तो अपने आप से एक सवाल करें—उसके साथ होने पर आप जो होते हैं, उससे प्यार कर पाते हैं?
कोई भी महिला महज़ एक ग़लती के चलते के रिश्ता नहीं तोड़ देती।
जब हम ख़ुद से सच्चा प्यार करेंगे, तभी हम भविष्य के लिए बेहतर रिश्तों की बुनियाद रख सकेंगे।
आदमी एक औरत को दूसरी औरत के लिए छोड़ता है, लेकिन एक औरत मर्द को ख़ुद के लिए छोड़ती है।
ख़ुद की तलाश का रास्ता हमेशा परेशानियों और अनिश्चितताओं से ही भरा रहता है।
अगर आपकी ज़िन्दगी में कोई अच्छा इंसान होगा तो वह आपको असहज महसूस नहीं करने देगा। आपके असली रूप में यक़ीन करना भी सिखाएगा।
अगर आपने ग़लत इंसान को छोड़ा नहीं तो सही इंसान कभी नहीं मिलेगा।
नक़ली मुस्कान ओढ़ लेना, अपना दर्द बयान करने से ज़्यादा आसान है।
कामयाबी तभी मिलती है, जब आप खेल को रणनीति बना कर खेलें, लगातार सीखते रहें और उस सीख पर अमल करते रहें।
ख़ुद से झूठ बोलना बंद कर दीजिए तो आपके सामने सच का अगाध सागर होगा और आपके लिए मुक्ति के द्वार खुल जाएँगे।
ज़्यादा सोचना और ज़्यादा प्यार करना, रिश्ते को लेकर काफ़ी गहरापन और जुनून होने की निशानी है।
तरक़्क़ी मिलने की शुरुआत आराम त्यागने के साथ ही होती है।
याद रखिए, मज़बूत रिश्ता वही है, जो आपकी ज़िंदगी को बेहतर बनाए, न कि ख़ुद में आपके यक़ीन को ही ध्वस्त कर दे।
आज आसान नहीं है, कल और भी मुश्किल है, लेकिन परसों लाजवाब है।
सच्चा प्यार भरोसा मज़बूत करता है, तोड़ता नहीं है।
एक संपूर्ण जीवन वही माना जाता है, जिसमें अपने मन का काम करने के लिए समय का सदुपयोग किया गया हो।
एकांत को आत्ममंथन का अवसर मानकर गले लगाइए।
ख़राब बर्ताव के द्वारा आपके मूल्य ध्वस्त नहीं होने चाहिए।
अपनी भावनाओं पर नियंत्रण रखें : कम प्रतिक्रिया करना सीखें और इसके बजाय जवाब देना सीखें।
सकारात्मक सोच के असर में ख़ुद को रखने से आपकी ख़ुशियाँ बढ़ेंगी।
अच्छा दोस्त वह नहीं है; जो आपका दुःख दूर कर दे बल्कि वह है, जो आपकी तकलीफ़ में आपके पास मौजूद हो।
आप कभी भी किसी ऐसे व्यक्ति के लिए बहुत ज़्यादा अहम नहीं हो सकते, जो आपसे कभी तृप्त नहीं हो पाता।
अगर कोई चीज़ आपको ख़ुशी देती है; तो दूसरे उसे किस रूप में लेते हैं, इससे कोई फ़र्क ही नहीं पड़ता।
जो व्यक्ति आप पर अपनी छाप नहीं छोड़ सकता, उसके साथ आपका निभान भी आसान नहीं होगा।
किसी आदमी की सबसे ख़तरनाक आदतों में से एक यह है कि जो बात ख़ुद उसे अच्छी नहीं लगेगी, वह चाहेगा कि आपको वही बात बुरी न लगे।
संबंधों में टकराव नहीं हो तो इससे वह सबसे मज़बूत और गहरा रिश्ता नहीं बन जाता, बल्कि सबसे गहरा रिश्ता वो है, जिसमें टकराव होने के बाद आपसी समझ और मज़बूत होती है।
एक ही आदमी के साथ दोबारा प्यार में कभी मत पड़िए, क्योंकि दूसरी बार प्यार उस शख़्स से नहीं, उसकी यादों से होगा।
उस काम पर ध्यान दीजिए, जो आपको ख़ुशी, जोश और ज़िंदादिली से भर देता है। ऐसे काम में व्यस्त रहकर आप संतुलित और तनाव से दूर रहेंगे।
आत्म संतुष्टि पाना बड़ा महत्त्वपूर्ण हुनर है।
अपना ध्यान उनकी ओर दीजिए, जो आप पर ध्यान दे रहे हैं, आपके साथ को महत्त्व दे रहे हैं।
जो आपके काम का नहीं है, उसे हटाएँगे तभी नए और बेहतर अनुभवों के लिए जगह बनेगी।
इस दुनिया में आपको प्यार करने वाले जितने लोग हैं, अभी उन सबसे आपकी मुलाक़ात नहीं हुई है। न ही उन सबसे सामना हुआ है, जिन्हें आप अपनी ज़िंदगी में प्यार करने वाले हैं।
अपनी पसंद का काम करके और एकांत का फ़ायदा उठाकर ख़ुद से प्यार करना सीखिए।
ज़िंदा रहिए तो महज़ साँस लेने के लिए नहीं, बल्कि किसी मक़सद के लिए।
रिश्ते में ज़हर घुल रहा है तो वह ज़हर ही रहेगा।
ज़ख्म से उबरना ऐसी यात्रा है, जो अतीत से दूरी बनाने और नई शुरुआत की संभावनाओं को गले लगाती है।
जो हुआ नहीं है; होने वाला है, उसकी चिंता में अगर आप दुबले हुए जा रहे हैं तो समझ लीजिए आपको एक ही घटना का नतीजा दो-दो बार भुगतना पड़ेगा।
परफ़ेक्ट पार्टनर जैसी कोई चीज़ नहीं होती।
ज़िंदगी अपने तरीक़े से आपको सिखाती रहती है। रूप बदल-बदलकर एक ही सीख तब तक देती रहती है, जब तक आप उसका संदेश समझ नहीं लेते।
आप जो कुछ भी अपनाते हैं, उसी के आधार पर आपके जीवन का अर्थ तय होता है। अगर आपको लगता है कि ज़िंदगी बेकार है तो इसके लिए ज़िम्मेदार भी, आप और केवल आप ही हैं।
अकेला महसूस कराने वाले लोगों के साथ होने से अच्छा है अकेला होना और ख़ुश रहना।
आप तनाव में हैं? इसका कारण क्या है? बहुत ज़्यादा मेहनत कर लेना? इसका कारण है, बहुत कम मेहनत करना। जो काम आपको सबसे ज़्यादा ऊर्जा देता है, आपको ज़िंदा दिल बनाए रखता है, उस काम पर आपका बहुत कम मेहनत करना।
जब सामने खड़े व्यक्ति से ज़्यादा प्यार; उसकी यादों से होने लगे तो समझ लीजिए कि इस रिश्ते में सब कुछ ख़त्म हो गया है।