Font by Mehr Nastaliq Web

आत्म-संयम पर उद्धरण

quote

नियम साधना का लोभ भी कष्ट की मात्रा का हिसाब लगाकर आनंद पाता है। अगर कड़े बिछौने पर सोने से शुरू किया जाए; तो आगे चलकर मिट्टी पर बिछौना बिछाकर, फिर सिर्फ़ एक कंबल बिछाकर, फिर कंबल को भी छोड़कर निखहरी ज़मीन पर सोने का लोभ क्रमशः बढ़ता ही रहता है।

रवींद्रनाथ टैगोर
quote

परित्राण का अर्थ यह है कि व्यर्थता और असफलता से अपनी रक्षा करना, अपने भीतर सत्यरूपी जो रत्न छिपा हुआ है, उसका उद्धार करना।

रवींद्रनाथ टैगोर
quote

अस्पर्श में प्रतिष्ठित हो जाने का नाम ही संयम है। और, संयम सत्य का द्वार है।

ओशो
  • संबंधित विषय : सच
quote

यदि तुम मनुष्यों से प्रेम करते हो और वे मैत्री का व्यवहार नहीं करते, तो अपने प्रेम की समीक्षा करो। यदि तमु शाशन करते हो और लोग नियंत्रित नहीं होते, तो अपनी बुद्धि की जाँच करो। यदि तुम दूसरों के प्रति शिष्टता का व्यवहार करते हो और वे तुम्हारे प्रति नहीं करते तो, अपने आत्म-सम्मान की समीक्षा करो। यदि तुम्हारे कार्य निरर्थक होते हैं, तो उसके कारण को अपने अंदर ढूँढ़ो।

कन्फ्यूशियस
quote

जगत् के सभी महान् पैग़ंबरों का प्राण पर अत्यंत अद्भुत संयम था, जिसके बल से वे प्रबल इच्छाशक्तिसम्पन्न हो गए थे।

स्वामी विवेकानन्द
quote

पाँच इंद्रियों, क्रोध, मान, माया, लोभ और सबसे अधिक दुर्जय अपनी आत्मा को जीतना चाहिए। एक आत्मा के जीत लेने पर सब कुछ जीत लिया जाता है।

महावीर
quote

आप अपने विचारों और आकर्षण के नियम द्वारा अपने जीवन का सृजन कर सकते हैं।

रॉन्डा बर्न
quote

जो वीर दुर्जय संग्राम में लाखों योद्धाओं को जीतता है, यदि वह एक अपनी आत्मा को जीत ले, तो यह उसकी सर्वश्रेष्ठ विजय है।

महावीर
quote

मन को बाहरी विषय पर स्थिर करना अपेक्षाकृत सहज है। मन स्वभावतः बहिर्मुखी है, किंतु धर्म, मनोविज्ञान, अथवा दर्शन के विषय में ऐसा नहीं है।

स्वामी विवेकानन्द
quote

मन की अस्थिरता के कारण शरीर भी पूरी तरह अस्थिर हो जाता है।

स्वामी विवेकानन्द
quote

लगभग सभी संस्कृतियों में उपवास और सामान्य रूप से कहें, तो संयम को लंबे और स्वस्थ जीवन का आधार माना गया है और लालच को बुराई।

वेंकी रामकृष्णन
quote

हममें मन के निग्रह की शक्ति बहुत थोड़ी है।

स्वामी विवेकानन्द
quote

अत्यंत भूखा मनुष्य यदि कंठनली में चित्त का संयम कर सके, तो उसकी भूख शांत हो जाती है।

स्वामी विवेकानन्द
quote

यम और नियम चरित्र-निर्माण के साधन हैं। इनको नींव बनाए बिना किसी तरह की योगसाधना सिद्ध होगी। यम और नियम में दृढ़प्रतिष्ठ हो जाने पर योगी अपनी साधना का फल अनुभव करना आरंभ कर देते हैं।

स्वामी विवेकानन्द
quote

मनुष्य के आध्यात्मिक परिप्रेक्ष्य पर विवेकाधीन अंकुश लगाए बिना, दर्शन अनन्तता की अवधारणा से छुटकारा नहीं पा सकता।

एम. एन. राय
quote

शक्तिशाली भावना; शक्तिशाली आत्मनियंत्रण को भी जन्म देती है, सिर्फ़ व्यक्ति में इसके अभ्यास की आदत होनी चाहिए।

जॉन स्टुअर्ट मिल
quote

योगी प्रयत्न करते हैं कि वे अपने को ऐसा सूक्ष्म अनुभूति-संपन्न कर लें, जिससे वे विभिन्न मानसिक अवस्थाओं को प्रत्यक्ष कर सकें।

स्वामी विवेकानन्द
  • संबंधित विषय : योग
quote

मन के संयम का पहला सोपान यह है कि कुछ समय के लिए चुप्पी साधकर बैठे रहो, और मन को अपने अनुसार चलने दो।

स्वामी विवेकानन्द
  • संबंधित विषय : मौन
quote

अलादीन के जिन्न की तरह ही आकर्षण का नियम भी हमारे हर आदेश का पालन करता है।

रॉन्डा बर्न
quote

जब कोई अपनी समस्त शक्तियों का संयम करता है, तब वह अपनी देह के भीतर के प्राण का ही संयम करता है। जब कोई ध्यान करता है, तो भी समझना चाहिए कि वह प्राण का ही संयम कर रहा है।

स्वामी विवेकानन्द
quote

सीखने के कर्म से स्वतः ही एक असाधारण अनुशासन का जन्म होता है, और आत्मसंयम के एक आंतरिक बोध के लिए अनुशासन आवश्यक है।

जे. कृष्णमूर्ति
quote

अधिकांश मनुष्य पशु से बहुत थोड़े ही उन्नत हैं, क्योंकि अधिकांश स्थलों में तो उनकी संयम की शक्ति, पशु-पक्षियों से कोई विशेष अधिक नहीं।

स्वामी विवेकानन्द
quote

उत्कृष्ट योद्धा अनुशासनप्रिय होता है और इसी अनुशासन ने अश्वत्थामा को निगल लिया।

दुर्गा भागवत
quote

हमेशा याद रखो कि प्रत्येक राष्ट्र को अपनी रक्षा स्वयं करनी होगी। इसी तरह प्रत्येक मनुष्य को भी अपनी-अपनी रक्षा करनी होगी।

स्वामी विवेकानन्द
quote

जो केवल अपने हृदय के द्वारा परिचालित होते हैं, उन्हें अनेक कष्ट भोगने पड़ते हैं, क्योंकि प्रायः ही उनके भ्रम में पड़ने की संभावना रहती है।

स्वामी विवेकानन्द
quote

धारणा करने के लिए संयम चाहिए और मिथ्याचार के लिए असंयम।

रवींद्रनाथ टैगोर
quote

गढ़ने में संयम की ज़रूरत होती है, नष्ट करने में असंयम की।

रवींद्रनाथ टैगोर
quote

संसार में शक्ति के जितने विकास देखे जाते हैं, सभी प्राण के संयम से उत्पन्न होते हैं।

स्वामी विवेकानन्द
quote

अपने मन का संयम करने के लिए सदा अपने ही मन की सहायता लो और यह सदा याद रखो कि तुम यदि रोगग्रस्त नहीं हो, तो कोई भी बाहरी इच्छाशक्ति तुम पर कार्य कर सकेगी।

स्वामी विवेकानन्द
quote

योगी का ब्रह्मचर्यवान होना अनिवार्य है।

स्वामी विवेकानन्द
quote

किस प्रकार इस प्राण पर विजय पाई जाए, यही प्राणायाम का एकमात्र उद्देश्य है।

स्वामी विवेकानन्द
  • संबंधित विषय : योग
quote

तात्कालिक परिणाम अनभ्यस्त बढ़िया खाने से उत्पन्न अपच जैसा ही है।

एम. एन. राय
quote

योगी यह दावा करते हैं कि जो मन को वशीभूत कर सकते हैं, वे भूत को भी वशीभूत कर लेते हैं।

स्वामी विवेकानन्द
quote

कर्म, उपासना, मन, संयम अथवा ज्ञान—इनमें से एक, एक से अधिक या सभी उपायों का सहारा लेकर अपने ब्रह्मभाव को व्यक्त करो और मुक्त हो जाओ।

स्वामी विवेकानन्द
quote

ध्यान के लिए वस्तुतः सर्वोच्च ढंग की संवेदनशीलता चाहिए तथा प्रचण्ड मौन की एक गुणवत्ता चाहिए—ऐसा मौन जो प्रेरित, अनुशासित या साधा हुआ नहीं हो।

जे. कृष्णमूर्ति
quote

भीतर इतनी गहराई हो कि कोई तुम्हारी थाह ले सके। अथाह जिनकी गहराई है, अगोचर उनकी ऊँचाई हो जाती है।

ओशो
quote

जिस प्रकार कला अपने आभ्यंतर नियमों के कठोर अनुशासन के बिना अपंग या विकृत होती है; अथवा अभाव बनकर रहती है, उसी प्रकार व्यक्ति-स्वातंत्र्य अपनी अंतरात्मा के कठोर नियमों के अनुशासन के बिना—निरर्थक और विकृत हो जाता है, खोखला हो जाता है।

गजानन माधव मुक्तिबोध
quote

सिद्ध होना हो तो प्रबल अध्यवसाय चाहिए, मन का अपरिमित बल चाहिए।

स्वामी विवेकानन्द
quote

एक सूफ़ी कभी किसी चीज़ के दायरे से बाहर नहीं जाता, बल्कि हमेशा दायरे में ही रहता है।

शम्स तबरेज़ी
quote

स्वतंत्रता स्वेच्छाचार और अत्याचार का नाम नहीं।

गणेश शंकर विद्यार्थी
quote

आत्म-संयम अर्थात् आत्मानुशासन ही कलात्मक सौंदर्य को सुंदर एवं व्यवस्था को सुव्यवस्थित और आनंददायक बनाता है।

चक्रवर्ती राजगोपालाचारी
quote

जो मनुष्य निश्चय करके कार्य प्रारंभ करता है, कार्य के मध्य में रुकता नहीं, समय को नष्ट नहीं करता और स्वयं को वश में रखता है, उसी को पंडित कहा जाता है।

वेदव्यास
quote

जो लोग ख़ुद को जीवन के प्रति समर्पित कर देते हैं, उन्हें कोई चिंता नहीं होती और वे शांति का जीवन जीते हैं, जबकि पूरी दुनिया मुसीबतों पर मुसीबतों से जूझ रही होती है।

शम्स तबरेज़ी
quote

मन—जिसमें मस्तिष्क और हृदय समाविष्ट हैं—को पूर्ण संगति में होना चाहिए।

जे. कृष्णमूर्ति
quote

अपने लक्ष्यों के प्रति हार्दिक स्नेह के बिना, जिज्ञासा, आत्म-संस्कार, आत्म-निरीक्षण तथा आत्म-संघर्ष—सब व्यर्थ है।

गजानन माधव मुक्तिबोध
quote

विकारी मन अनेक प्रकार के स्वादों और भोगों की तलाश में रहता है और बाद में उन आहारों तथा भोगों का प्रभाव मन पर पड़ता है।

महात्मा गांधी
quote

स्वयं को खोकर कुछ करो, तो उससे ही स्वयं को पाने का मार्ग मिल जाता है।

ओशो
quote

ब्रह्मचर्य के बिना राजयोग की साधना बड़े ख़तरे की है, क्योंकि उससे अंत में मस्तिष्क में विषम विकार पैदा हो सकता है।

स्वामी विवेकानन्द
quote

ग़ुस्से में अपने शब्दों को, अपने काम को सँभालो।

पाइथागोरस
quote

अगर मैं दु:खी हूँ, तो यह मेरी अपनी ग़लती है और यही बात दिखाती है कि अगर मैं चाहूँ तो ख़ुश हो सकता हूँ।

स्वामी विवेकानन्द

aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere

हिन्दवी उत्सव, 27 जुलाई 2025, सीरी फ़ोर्ट ऑडिटोरियम, नई दिल्ली

रजिस्टर कीजिए