Font by Mehr Nastaliq Web

अभिव्यक्ति पर उद्धरण

quote

सिनेमा मेरे लिए कोई 'art form' नहीं है, ये मेरे लोगों की सेवा करने का एक ज़रिया मात्र है। मैं कोई समाजशास्त्री नहीं हूँ और इसलिए ऐसे भ्रम नहीं पालता कि मेरा सिनेमा लोगों को बदल सकता है। कोई एक फ़िल्ममेकर लोगों को नहीं बदल सकता है। लोग बहुत विशाल हैं और वे अपने आप को ख़ुद बदल रहे हैं। में चीज़ें नहीं बदल रहा हूँ, जो भी बड़े बदलाव हो रहे हैं, मैं सिर्फ़ उन्हें दस्तावेज़ कर रहा हूँ।

ऋत्विक घटक
quote

अपने स्वयं के शिल्प का विकास केवल वही कवि कर सकता है, जिसके पास अपने निज का कोई ऐसा मौलिक-विशेष हो, जो यह चाहता हो कि उसकी अभिव्यक्ति उसी के मनस्तत्वों के आकार की, उन्हीं मनस्तत्वों के रंग की, उन्हीं के स्पर्श और गंध की ही हो।

गजानन माधव मुक्तिबोध
quote

यदि लेखक के पास संवेदनात्मक महत्व-बोध नहीं है, या क्षीण है, तो विशिष्ट अनुभवों की अभिव्यक्ति क्षीण होगी।

गजानन माधव मुक्तिबोध
quote

भाषिक अभिव्यक्ति का रूप-रस, कविता द्वारा ही बचाया जा सकता है।

लीलाधर जगूड़ी
quote

अंतःकरण की वृतियों के चित्र का नाम कविता है।

महावीर प्रसाद द्विवेदी
quote

अभिव्यक्ति का अभ्यास कलाकार का एक मुख्य कर्त्तव्य है।

गजानन माधव मुक्तिबोध
quote

सक्षम सुंदर अभिव्यक्ति तो अविरत साधना और श्रम के फलस्वरूप उत्पन्न होती है।

गजानन माधव मुक्तिबोध
quote

कविता एक सामूहिक उद्वेग और सामूहिक आवश्यकता की सहज अभिव्यक्ति है और यह व्यवस्था संपूर्ण रूप से वैयक्तिक है।

विजयदान देथा
quote

सच बात तो यह है कि आत्मपरक रूप से विश्वपरक, जगतपरक होने की लंबी प्रक्रिया की अभिव्यक्ति ही कला है—अभिव्यक्ति-कौशल के क्षेत्र में और अनुभूति अर्थात् अनुभूत वस्तु-तत्व के क्षेत्र में।

गजानन माधव मुक्तिबोध
quote

भाषा के बिना काव्य की कल्पना नहीं की जा सकती और भाव-जगत् के अभिव्यक्ति के अतिरिक्त, भाषा का कोई दूसरा प्रयोजन जान पड़ता है।

श्यामसुंदर दास
quote

जिस प्रकार एक बालक अपनी प्रसन्नता को सहज रूप से व्यक्त करता है, उसी प्रकार आदिम मनुष्य भी अपने परिवेश से प्रभावित होकर; अपनी भावनाओं को भाषा, हाव-भाव, चित्रकला अथवा मूर्तिकला के माध्यम से अभिव्यक्त करता है और अंततः वह स्वयं उन सबके संयुक्त प्रभाव तथा उनसे जुड़ी अपनी आशंकाओं का प्रतिरूप बन जाता है।

पी. बी. शेली
quote

मेरे लिए सिनेमा और कुछ नहीं, सिर्फ़ एक अभिव्यक्ति है। ये मेरे लिए अपने लोगों के कष्टों और दु:खों को लेकर अपना ग़ुस्सा ज़ाहिर करने का माध्यम है। कल को सिनेमा के अलावा भी इंसान की बुद्धि शायद कुछ ऐसा बना ले; जो सिनेमा से भी ज़्यादा मज़बूती, बल और तात्कालिकता से लोगों की ख़ुशियों, दु:खों, आकाँक्षाओं, सपनों, आदर्शों को अभिव्यक्त कर सके—तब वो ही आदर्श माध्यम बन जाएगा।

ऋत्विक घटक
quote

कहानी और कविता के बीच एक महत्त्वपूर्ण भेद यह है कि कहानी प्रायः घटनाओं का क्रमबद्ध विवरण भर होती है, जहाँ समय, स्थान, परिस्थितियाँ और कार्य-कारण संबंध ही मुख्य सूत्र बने रहते हैं। इसके विपरीत, कविता मानवीय प्रकृति के शाश्वत स्वभाव के अनुरूप ऐसी घटनाओं की सृष्टि करती है, जैसी वे सृजनकर्ता की चेतना में विद्यमान होती हैं और जो समग्र मानव-मन का प्रतिबिंब बन जाती हैं।

पी. बी. शेली
quote

मनुष्य-स्वभाव की एक और विशेषता यह है कि वह अपने को प्रकट किए बिना नहीं रह सकता। असभ्य से असभ्य जंगली लोगों से लेकर, संसार के अत्यंत सभ्य लोगों तक में—अपने विचारों और मनोभावों को प्रकट करने की प्रबल इच्छा प्रस्तुत रहती है।

श्यामसुंदर दास
quote

कला की रचना-प्रक्रिया की दो अवस्थाएँ होती हैं। एक तो अरूप भावनाओं की रूपात्मक अनुभूति, जो पूर्णतः मानसिक प्रक्रिया है। दूसरी, बिंबात्मक मानसिक अभिव्यक्ति की ध्वनि, रंग, रेखाओं, शब्दों आदि के माध्यम से बाह्याभिव्यक्ति, जिससे कलाकृति का निर्माण होता है।

मैनेजर पांडेय
quote

काव्य उन श्रेष्ठ और परम आनंदित मनों के सर्वाधिक उल्लासपूर्ण क्षणों का अंकन

पी. बी. शेली
quote

बरसों तक हमने अपनी दर्द भरी भावनाओं का दमन किया है। फिर एक दिन हम प्रेम करने लगते हैं और प्रेम हमें इतना सुरक्षित महसूस कराता है कि हम खुल जाते हैं और अपनी भावनाओं के बारे में जागरूक हो जाते हैं। प्रेम हमें खोलता है और हम अपने दर्द को महसूस करने लगते हैं।

जॉन ग्रे
quote

साहित्य या कला-रचना में मनुष्य की जिस चेष्टा की अभिव्यक्ति होती है, उसे कुछ लोग मनुष्य की खेल करने की प्रवृत्ति जैसा मानते हैं।

रवींद्रनाथ टैगोर
quote

संवेदना और अनुभूतियों का मूल रूप अमूर्त होता है, और उस अरूप संवेदना तथा अनुभूति के रूपात्मक बोध से ही कला का प्रादुर्भाव होता है।

मैनेजर पांडेय
quote

मैं बोलता हूँ, इसलिए लिखता हूँ। मनुष्य के इतिहास में लिखना बोलने का अनुवर्ती है—लगभग यही बात रचना-प्रक्रिया पर भी लागू होती है।

केदारनाथ सिंह
quote

संवाद उन लोगों के बीच भी नहीं हो सकता, जिनमें एक तरफ़ दूसरों को अपना शब्द बोलने का अधिकार देने वाले हों; और दूसरी तरफ़ वे, जिनसे अपना शब्द बोलने का अधिकार छीन लिया गया हो।

पॉलो फ़्रेरा
quote

आज़ादी का अर्थ हर चीज़ पर सवाल उठाने का अधिकार है।

आई वेईवेई
quote

भावनाओं की तीन दशाएँ होती है—प्रकृत, संस्कृत और विकृत। काव्य में भावनाओं की इन तीन दशाओं की अभिव्यंजना होती है।

मैनेजर पांडेय
quote

परिस्थिति, काल और सामाजिक स्थिति पर अभिव्यक्ति निर्भर करती है।

विनोबा भावे
quote

रचनाकार की मौलिकता उसकी संवेदनशीलता में ही नहीं होती, अभिव्यक्ति-प्रणाली के नए विकास में भी होती है।

मैनेजर पांडेय
quote

मेरा आदर्श अवश्य ही थोड़े से शब्दों में कहा जा सकता है और वह है—मनुष्य जाति को उसके दिव्य स्वरूप का उपदेश देना, तथा जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में उसे अभिव्यक्ति करने का उपाय बताना।

स्वामी विवेकानन्द
quote

काग़ज़ के पन्ने पर जो घटित होता है, वह कई बार बाहर और भीतर का एक मूक संलाप होता है, कई बार एक मुखर बहस और कई बार एक अजब-सी अनबन या टकराव—जिसका दबाव शब्द चुपचाप झेलते हैं।

केदारनाथ सिंह
quote

मनुष्यत्व की पूर्ण अभिव्यक्ति रागात्मिका वृत्ति और बोधवृत्ति, दोनों के मेल में है।

आचार्य रामचंद्र शुक्ल
quote

अपनी भावनाओं को पूरी तरह से अभिव्यक्त करने के लिए महिलाएँ आम तौर पर अतिशयोक्तियों, अलंकारों, सामान्यीकरण और इसी तरह की दूसरी स्वतंत्रताओं का भरपूर इस्तेमाल करती हैं।

जॉन ग्रे
quote

कला में वस्तुतः आत्माभिव्यक्ति नहीं हुआ करती। अभिव्यक्ति होती है, किंतु जीने और भोगनेवाले अपने मन की, अपनी आत्मा की, वह सच्ची अभिव्यक्ति है—यह कहने का साहस नहीं हो पाता।

गजानन माधव मुक्तिबोध
quote

जब हम साहित्य या कलाओं में रचना और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की बात करते हैं; तब हम स्वतंत्रता के उसी आशय को केंद्र में रखते हैं, जिसका संदर्भ मनुष्य की संपूर्ण चेतना है, उसकी केवल राजनीतिक चेतना नहीं और स्वतंत्रता के इस अर्थ को मैं राजनीतिक से कहीं ज़्यादा बड़ा मानता हूँ।

कुँवर नारायण
quote

नास्तिकता प्रायः धर्म की प्राणशक्ति की अभिव्यक्ति रही है, धर्म में वास्तविकता की खोज रही है।

सर्वेपल्लि राधाकृष्णन
quote

लेखक की स्वतंत्रता तथा कलाकार की स्वतंत्रता; वस्तुतः अभिव्यक्ति के अधिकार की स्वतंत्रता है, किंतु यह स्वतत्रंता समाज-सापेक्ष और समाज-स्थिति-सापेक्ष है।

गजानन माधव मुक्तिबोध
quote

विचारधारा कोई भी हो, सवाल है उसकी साहित्यिक अभिव्यक्ति कितनी प्रौढ़ और सुंदर बन पड़ी है, और यहीं साहित्य में तकनीक का महत्व प्रमुख हो जाता है।

कुँवर नारायण
quote

कला और विज्ञान ही में मनुष्य अपनी पूर्ण अभिव्यक्ति पाता है।

विजयदान देथा
quote

तर्कशास्त्र की विविध प्रणालियाँ और प्रक्रियाएँ, कला की श्रेणी में नहीं सकतीं। कला का संबंध नियमों से नहीं है, वह तो रूप की अभिव्यक्ति मात्र है।

श्यामसुंदर दास
quote

अभिव्यक्ति-प्रयत्न एक-दूसरे प्रकार का, एक अन्य स्तर का अंग है कि जिस स्तर में शब्द, मुहावरे, बिंब, स्वर आदि के स्वरूप की तुलना, हृदय में उठते हुए भावों के स्वरूप से करते हुए, प्रतिकूल शब्दों, बिंबों आदि को निकालकर अनुकूल को रखा जाता है।

गजानन माधव मुक्तिबोध
quote

अपना शब्द बोलना मनुष्य का आद्य अधिकार है।

पॉलो फ़्रेरा
quote

चाहे कविता किसी भाषा में हो, चाहे किसी वाद के अंतर्गत, चाहे उसमें पार्थिव विश्व की अभिव्यक्ति हो, चाहे अपार्थिव की और चाहे दोनों के अविच्छिन्न संबंध की, उसके अमूल्य होने का रहस्य यही है कि वह मनुष्य के हृदय से प्रवाहित हुई है।

महादेवी वर्मा
quote

साहित्य उस जगह का नाम है जहाँ जाकर आप अनकही की अभिव्यक्ति के लिए शब्द ढूँढ़ सकते हैं।

कृष्ण कुमार
quote

यदि साहित्य-सृजन एक संघर्ष है—अभिव्यक्ति के मार्ग का संघर्ष, तो समीक्षा एक प्रेम-दर्शन है। ऐसा प्रेम-दर्शन जो आवश्यक पड़ने पर अतिशय कठोर होता है, किंतु सामान्यतः उदार और कोमल रहता है।

गजानन माधव मुक्तिबोध
quote

मनोवैज्ञानिक वस्तुवादी कवि; जब सामाजिक भावनाओं तथा विश्व-मैत्री की संवेदानाओं से आच्छन्न होकर मानचित्र प्रस्तुत करता है, तब वह उसी प्रकार अनूठा और अद्वितीय हो उठता है जैसे कि किसी क्षेत्र में भिन्न तथा अन्य कवि कदापि नहीं।

गजानन माधव मुक्तिबोध
quote

रस की इस उन्मत्तता से हमारा चित्त जब मथने लगता है; तब हम उसी को सिद्धि मानने लगते हैं, किंतु नशे को कभी भी सिद्धि नहीं कहा जा सकता है, असतीत्व को प्रेम तो नहीं कहा जा सकता है, ज्वर में विकार की दुर्वार उत्तेजना को, स्वास्थ्य के बल की अभिव्यक्ति नहीं कहा जा सकता है।

रवींद्रनाथ टैगोर
quote

हमारी सृजन-प्रतिभा; जीवन-प्रसंग की उद्भावना से लेकर तो अंतिम संपादन तक, अपनी मूल्यांकनकारी शक्ति का उपयोग करती रहती है।

गजानन माधव मुक्तिबोध
quote

जब मर्मज्ञ कवि; अपनी विशिष्ट आंतरिक आग्रह-धारा के द्वारा किन्हीं विशिष्ट मर्मों को ही प्रकटीकरण के लिए उपस्थित करता है, तब उन मर्म-तत्त्वों की अभिव्यक्ति के सिलसिले में ऐसे सेंसर्स का विकास करता है कि जो सेंसर्स उन तत्त्वों के अनुपयुक्त शब्द-संयोगों और कल्पना-चित्रों को रास्ते से हटा देते है।

गजानन माधव मुक्तिबोध
quote

यदि हमें वैविध्यपूर्ण पर स्पष्ट, द्वंद्वमय मानव-जीवन के (अपने अंतर में व्याप्त) मार्मिक पक्षों का वास्तविक प्रभावशाली चित्रण करना है, तो हमें जड़ीभूत सौंदर्याभिरुचि और उसके सेंसर्स त्यागने होंगे, तथा अनवरत रूप से अपने ढाँचों और फ़्रेमों में संशोधन करते रहना होगा।

गजानन माधव मुक्तिबोध
quote

भावों की अभिव्यक्ति की शैली ही कविता और कलाओं का रूप धारण करती है।

श्यामसुंदर दास
quote

अनिश्चय, आशंका, आकर्षण, मोह, सत्य-प्रेरणा और आत्मविश्वास की आकस्मिक हानि—ऐसे दुर्धर भावःप्रसंगों में से गुज़रता हुआ लेखक पाता है कि वह अग्नि-पीड़ा की एक दीर्घ वीथी में झुलसता हुआ आगे बढ़ रहा है।

गजानन माधव मुक्तिबोध
quote

प्रेम के एक छोर पर व्यक्तिगत अस्तित्व है, दूसरे पर अभिव्यक्तिगत या केवल भावनात्मक।

रवींद्रनाथ टैगोर
quote

अपनी व्यक्तिमत्ता के आस-पास टकरानेवाली (मानव-जीवन की) मार्मिक वास्तविकताओं को प्रकट करने के लिए, जिस प्रकार की शैली और शब्द-संपदा चाहिए, उसके लिए संघर्ष करना आवश्यक है।

गजानन माधव मुक्तिबोध

aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere

हिन्दवी उत्सव, 27 जुलाई 2025, सीरी फ़ोर्ट ऑडिटोरियम, नई दिल्ली

रजिस्टर कीजिए