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अभिव्यक्ति पर कविताएँ

भंगिमा

अदूनिस

बाग़ीचा

दिआना बेलेस्सी

मेरी एक नदी

पॉल इल्यार

विदा के शब्द

डेनिस ब्रूटस

तुमने तमाम समुद्र

ओसिप मंदेलश्ताम

मैं तुम्हें अब प्यार नहीं करता

रिषर्द क्रिनीत्स्की

सामान्य परिणाम

रादोय रालिन

परकीया-भाव

गरिमा सिंह

कसक

कुमार विक्रमादित्य

अंतिम यात्रा

राजेश राजभर

मैं कहूँ नहीं

सिद्धांत 'रेखानंदन'

तुम अच्छी लगती हो

चंचल सिंह ‘साक्षी'

रिस्तों की डोर

राजेश राजभर

मैं तुमसे प्रेम करता हूँ

सिद्धांत 'रेखानंदन'

पत्थर

सतीश सम्यक

एक कविता

ममता जयंत

चुंबन

गीता मलिक

aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere

हिन्दवी उत्सव, 27 जुलाई 2025, सीरी फ़ोर्ट ऑडिटोरियम, नई दिल्ली

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