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हम अपने बारे में इतना कम और इतना अधिक जानते हैं कि प्रेम ही बचता है प्रार्थना की राख में।
अपने भूले रहने की याद में जीवन अच्छा लगता है।
जो तुम्हें कहीं से बुला रहे हैं, उन्हें नहीं पता वे कहाँ हैं।
सूरज नहीं चाँद तारे संगीत चित्र भी नहीं कविता से भी सुंदर लगता है मनुष्य।
हत्या का विचार होती हुई हत्या देखने की लालसा में छिपा है।
अकेली एक लहर पूरे समुद्र की जगह बचती है, जब हम भूल जाते हैं जीना।
पेड़ चाहता है बहुत सारे पेड़ों के बीच का पेड़ होना।
सुंदरता! कितना बड़ा कारण है—हम बचेंगे अगर!
जब कोई अर्थ नहीं रह जाता व्यर्थ का दुनिया में बहुत कुछ होता रहता है।
बातों में होते हैं हम जितना उतने से कई गुना कहीं और होते हैं।
अनंत अपनी मृत्यु में रहते हैं इतने धुँधले कि हमारी झलक में बार-बार जन्म लेते हैं संसार!