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Nikolai Gogol

1809 - 1852 | دوسرا

کی

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एक पत्थर की भी अपनी उपयोगिता है, तो मनुष्य जो सभी प्राणियों में सबसे बुद्धिमान है, उसे कुछ उपयोग का होना चाहिए, है न?

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मानव की लालसाएँ समुद्र की रेत की तरह अनगिनत हैं।

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अपने पास पैसे नहीं, बल्कि अच्छे लोगों को रखो।

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मूर्ख व्यक्ति के शब्द चाहे कितने ही मूर्खतापूर्ण हों, वे कभी-कभी बुद्धिमान व्यक्ति को भ्रमित करने के लिए पर्याप्त होते हैं।

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परिष्कृत और सुसंस्कृत आचरण में कितना बर्बर घटियापन छिपाया जाता है।

मैं वह हूँ जो मैं हूँ और मैं वही हूँ।

मैंने पाया कि मैं सीधे रास्ते पर चल कर कहीं नहीं पहुँच सकूँगा, इसलिए टेढ़े रास्ते पर चलना सही था।

अगर आपका चेहरा टेढ़ा है तो दर्पण को दोष देने का कोई लाभ नहीं है।

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हमारे पास हर चीज़ को तुच्छ बनाने का अद्भुत उपहार है।

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सच्चे दोस्त की संगति में आध्यात्मिक आनंद जैसी अनुभूति होती है!

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हमसे हमारी गंदगी में प्यार करो, क्योंकि हम साफ़-सुथरे होंगे, तब तो हर कोई हमसे प्यार करेगा।

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हम किसी हास्यप्रद कहानी को जितनी देर तक जितने अधिक ध्यान से देखते हैं, वह उतनी ही उदासी भरी हो जाती है।

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यह दुनिया बहुत बेरहम बकवास से भरी पड़ी है। कभी-कभी ऐसी घटनाएँ होती हैं जिन्हें हम सोच भी नहीं सकते हैं।

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आप किसी सुअर को हमेशा उसकी घुरघुराहट से पहचान सकते हैं।

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हमेशा यह सोचें कि क्या उपयोगी है, यह नहीं कि क्या सुंदर है। सुंदरता अपने आप अनुसरण करेगी।

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मृत्यु किसी आम आदमी के लिए भी उतनी ही भयानक है जितनी कि किसी महान व्यक्ति के लिए!

रूसी किसान जब अपने सिर को खुजलाता है, तब इसके कई मतलब होते हैं।

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सब कुछ सच लगता है, आदमी के साथ कुछ भी हो सकता है।

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जिस शब्द को सही तरीक़े से बोला या लिखा जाता है, उसे किसी कुल्हाड़ी से भी नहीं काटा जा सकता है।

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सज्जनो, यह दुनिया अरुचिकर है!

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बुद्धिमान व्यक्ति वह है जो किसी भी पात्र से घृणा नहीं करता है, बल्कि खोजी निगाह से उसके मूल और कारणों की खोज करता है।

जितना अधिक मलबा होगा, वह शासक की गतिविधि को उतना ही अधिक दिखाएगा।

यदि तुम विचारों के पीछे भागोगे तो तुम्हारे पास रोटी होगी और ही विचार होंगे।

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तुम किस पर हँस रहे हो? तुम ख़ुद पर हँस रहे हो।

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हिन्दवी उत्सव, 27 जुलाई 2025, सीरी फ़ोर्ट ऑडिटोरियम, नई दिल्ली

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