کی
कला प्रकृति की सहायता करती है और अनुभव कला की।
समय और शब्दों को वापस नहीं लाया जा सकता।
यदि तुम्हारी इच्छाएँ अनंत होंगी, तो तुम्हारी चिंताएँ व भय भी अनंत ही होंगे।
जो व्यक्ति उसी ठग से दुबारा ठगा जाए, वह भी ठग के साथ-साथ अपराधी है।
ख़तरा टलते ही ईश्वर का विस्मरण हो जाता है।
ज्ञान को अधिकतम लाभ उन्हीं पुस्तकों से हुआ है जिनसे प्रकाशकों को हानि हुई हैं।
मित्रों से मिलने-जुलने से मित्रता बढ़ती है, पर कभी- कभी मिलने-जुलने से।
जो कार्य किसी भी समय किए जाने की बात है, वह कभी भी नहीं किया जाएगा।
जो स्वयं को गधा बना ले, उसे बुरा नहीं मानना चाहिए यदि लोग उस पर सवारी गाँठें।
सामान्य व्यापार और वाणिज्य सहमति से पूर्णतया ठगी है।