Font by Mehr Nastaliq Web

नियति पर उद्धरण

नियति शब्द भाग्य, दैव,

पूर्वकृत कर्मों का परिणाम आदि अर्थ देता है।

quote

भाग्य से बढ़कर शक्ति और कौन-सी है?

तिरुवल्लुवर
quote

हर किसी का समय तय है। एक व्यक्ति कब प्यार में पड़ेगा और कब इस दुनिया को अलविदा कहेगा, इन सबका समय तय है।

शम्स तबरेज़ी
quote

अर्थ परिमित होता है; किंतु अनर्थ यदि एक बार प्रारंभ हो जाए, तो यह नहीं कहा जा सकता कि उसका अंत कहाँ जाकर होगा।

वात्स्यायन
quote

कर्म में मेरी आकांक्षा नहीं है, विश्राम एवं शांति के लिए मैं लालायित हूँ। स्थान और काल का तत्त्व मुझसे यद्यपि छिपा हुआ नहीं है, फिर भी मेरा भाग्य तथा कर्मफल मुझे निरंतर कर्म की ही ओर ले जा रहा है।

स्वामी विवेकानन्द
quote

अभिनेता ही ईमानदार ढोंगी होते हैं। उनका जीवन एक संकल्पित स्वप्न है और उनकी आकांक्षाओं की चरम परिणति है स्वयं के अतिरिक्त कुछ होना। वे दूसरे मनुष्यों के भाग्यों की पोशाकें पहनते हैं। उनके अपने विचार भी अपने नहीं होते।

विलियम हेज़लिट
quote

पूरे महाभारत में यदि नियति द्वारा पूरी तरह से घिरा हुआ कोई व्यक्ति है, तो वह कर्ण ही है।

दुर्गा भागवत
quote

जैसी होनी होती है, वैसी ही बुद्धि इंद्रियाँ भी हो जाती हैं।

कालिदास
quote

संयोग की बिखरी हुई ईंटों से इस संसार का निर्माण नहीं हुआ है। कोई अंधा ईश्वर भाग्य-निर्माता नहीं है। एक सचेत शक्ति ने जीवन की योजना बनाई है। हर वक्रता और रेखा का अपना अर्थ है।

श्री अरविंद
quote

हे भारत! पुरुषार्थ करने पर भी यदि सिद्धि प्राप्त हो तो खिन्न नही होना चाहिए, क्योंकि फल-सिद्धि में पुरुषार्थ के अतिरिक्त भी प्रारब्ध तथा ईश्वर कृपा दो अन्य कारण हैं।

वेदव्यास
quote

उद्यम करने पर भी भाग्य द्वारा नियोजित पूर्व जन्मों में किया हुआ कर्म शुभाशुभ फल प्रदान करता है।

विष्णु शर्मा
quote

मनुष्य को हर स्थान पर भाग्य का सामना करना होता है, उसके पास ऐसा अवसर हमेशा होता है कि वह अपने ही कष्टों से स्वयं कुछ हासिल कर ले।

विक्टर ई. फ्रैंकल
quote

भाग्य का मतलब यह नहीं है कि हमारे जीवन में जो कुछ भी होने वाला है, वह पहले से लिखा हुआ है। इसलिए सब कुछ संयोग पर छोड़ देना और दुनिया के तौर-तरीकों में भाग लेना मूर्खता है।

शम्स तबरेज़ी
quote

भाग्यरहित पुरुषार्थ और पुरुषार्थरहित भाग्य सर्वत्र व्यर्थ हो जाते हैं। इन दोनों में पहला पक्ष ही सिद्धांतभूत एवं श्रेष्ठ है अर्थात् दैव के सहयोग के बिना पुरुषार्थ काम नहीं देता है।

वेदव्यास
quote

पुरुष को जो वस्तु जिस प्रकार मिलने वाली होती है, वह उस प्रकार मिल ही जाती है। जिस वस्तु की जैसी होनहार होती है वह वैसी होती ही है।

वेदव्यास
quote

पुरुषार्थी सर्वत्र भाग्य के अनुसार प्रतिष्ठा प्राप्त करता है, परंतु पुरुषार्थहीन सम्मान से भ्रष्ट होकर घाव पर नमक छिड़कने के समान कष्ट पाता है।

वेदव्यास
quote

निर्धन भी सुखी देखे जाते हैं तथा धनवान भी अधिक दुखी। मनुष्य के सुख और दुःख का उदय भाग्य के अधीन है, अतः धन से क्या?

क्षेमेंद्र
  • संबंधित विषय : सुख
quote

भाग्य के हाथ में सब कुछ है, लेकिन रुकना कभी श्रेयस्कर हुआ है? साँस रुकती है, उसे मौत कहते हैं, गति रुकती है, तब भी मौत कहते हैं, हवा रुकती है वह भी मौत है, रुकना सदा मौत है। जीवन नाम चलने का है।

जैनेंद्र कुमार
quote

हर गुरु का एक ही शिष्य होता है और वह उसके प्रति निष्ठाहीन हो जाता है, क्योंकि उसकी नियति भी गुरुपन है।

फ़्रेडरिक नीत्शे
quote

पुरुषों के भाग्य के कार्य अचिंतनीय हैं।

शूद्रक
quote

पुरुषार्थहीन भाग्य अथवा भाग्यहीन पुरुषार्थ इन दो ही कारणों से मनुष्य का उद्योग निष्फल होता है।

वेदव्यास
quote

हम में से कोई नहीं जानता कि हमारे लिए क्या इंतज़ार कर रहा है—कोई बड़ा पल, असाधारण काम करने का कोई अनोखा मौक़ा।

विक्टर ई. फ्रैंकल
quote

लक्ष्मी उद्योगी पुरुष को प्राप्त होती है। कायर लोग कहते हैं कि जो भाग्य में होगा वह मिलेगा। भाग्य को छोड़कर, अपनी शक्तिभर यत्न करो, फिर भी यदि कार्य सिद्ध हो तो इसमें कोई दोष नहीं है (या यह देखो कि मेरे पुरुषार्थ में क्या दोष रह गया।

विष्णु शर्मा
quote

नियति तो क्षमा नहीं करती, उसका विधान तो दंड है।

लक्ष्मीनारायण मिश्र
quote

बुद्धि प्रारब्ध को अपना ग्रास नहीं बना सकती। प्रारब्ध ही बुद्धि को अपना ग्रास बना लेता है। प्रारब्ध से प्राप्त होने वाले अर्थों को बुद्धिमान पुरुष भी नहीं जान पाता।

वेदव्यास
quote

पुरुषार्थहीन मनुष्य इस संसार में कभी फलता फूलता नहीं। मनुष्य को कुमार्ग से हटाकर सुमार्ग में लगा दे—ऐसी भाग्य में शक्ति नहीं है। पहले किया हुआ पुरुषार्थ ही एकत्रित होकर भाग्य बनकर गुरु के समान अपने अभीप्सित स्थान पर ले जाता है।

वेदव्यास
quote

हाँ जीवन के लिए कृतज्ञ, उपकृत और आभारी होकर किसी के अभिमान पूर्ण आत्म-विज्ञान का भार ढोती रहूँ,—यही क्या विधाता का निष्ठुर विधान है? छुटकारा नहीं?

जयशंकर प्रसाद
quote

मनुष्य की आत्मा उसके भाग्य से अधिक बड़ी होती है।

श्री अरविंद
quote

जगत में नियति ही सब का कारण है। नियति ही समस्त कर्मों का साधन है। नियति ही समस्त प्राणियों को विभिन्न कर्मों में नियुक्त करने का कारण है।

वाल्मीकि
quote

किसी भी मामले में प्रसन्नता पाने की चाह रखने वाले सभी मनुष्य; इस अर्थ में असफल होते ही हैं कि अच्छा भाग्य खोजने से नहीं मिलता, वह केवल गोद में अपने आप गिर सकता है।

विक्टर ई. फ्रैंकल
quote

समय की गति के अनुसार बदलने वाली जगत् की भाग्यदशा पहिए के अरों की भाँति (ऊपर-नीचे) होती रहती है।

भास
  • संबंधित विषय : समय
quote

आपका भाग्य वह स्तर है, जहाँ आप अपनी धुन बजाते हैं। आप अपना वाद्ययंत्र नहीं बदल सकते, लेकिन आप अपने पास मौजूद वाद्ययंत्र से कितनी अच्छी धुन बनाते हैं, यह पूरी तरह आप पर निर्भर करता है।

शम्स तबरेज़ी
quote

पुरुषार्थ का सहारा पाकर ही भाग्य भली भाँति बढ़ता है।

वेदव्यास
quote

निरंतर अथक परिश्रम करने वाले भाग्य को भी परास्त कर देंगे।

तिरुवल्लुवर
quote

नियति दुस्तर समुद्र को पार कराती, चिरकाल के अतीत को वर्तमान से क्षण भर में जोड़ देती है और परिचित मानवता-सिंधु में से उसी एक से परिचय करा देती है जिससे जीवन की अग्रगामिनी धारा अपना पथ निर्दिष्ट करती है।

जयशंकर प्रसाद
quote

मनुष्य को तपस्या से रूप, सौभाग्य और नाना प्रकार के रत्न प्राप्त होते हैं। इस प्रकार कर्म से सब कुछ प्राप्त होता है, लेकिन जो भाग्य के भरोसे रहता है, उस अकर्मण्य को कुछ नहीं मिलता।

वेदव्यास
quote

कांतिहीन के अंग पर अलंकार भी अपने भाग्य को रोते हैं।

संत तुकाराम
quote

किसी भी मनुष्य तथा उसके भाग्य की तुलना, दूसरे मनुष्य या उसके भाग्य से नहीं की जा सकती।

विक्टर ई. फ्रैंकल
quote

बड़े लोगों के मन में जिन वस्तुओं की अभिलाषा उत्पन्न होती है, भाग्य उन्हें उपस्थित करने में देर नहीं लगाता मानो वह भी पहले से उनकी सेवा करता रहता है।

बाणभट्ट
quote

सारे द्वीपों में जिसके गुणों की प्रशंसा होती है, रत्नसमूह का जो उपार्जन कर लेता है, ऐसा पुरुष को विधि असमय उसी प्रकार पटक देता है जैसे वायु जहाज को।

बाणभट्ट
quote

विधान की स्याही का एक बिंदु गिरकर भाग्यलिपि पर कालिमा चढ़ा देता है।

जयशंकर प्रसाद
quote

भविष्य का विचार कर कार्य करने वाला और उपस्थित विपत्ति के प्रतिकार में समर्थ बुद्धिवाला—ये दोनों व्यक्ति सुख प्राप्त करते हैं लेकिन जो होना है वह होगा—इस प्रकार भाग्य पर निर्भर रहने वाला व्यक्ति नष्ट हो जाता है।

विष्णु शर्मा
quote

मुझे भी वही भाग्य मिलेगा, जो ऑडबॉल को, और जंगल के मृग को मिलेगा; एक दिन हम सभी सिर्फ़ शव होंगे।

ओल्गा तोकार्चुक
quote

जो कायर है, जिसमें पराक्रम का नाम नहीं है, वही भाग्य का भरोसा करता है।

वाल्मीकि
quote

प्रकृति बदली नहीं जा सकती। भाग्य का परिवर्तन संभव नहीं है। काल रुक नहीं सकता।

लाओत्से
quote

भाग्य विचित्र होता हैं।

बाणभट्ट
quote

जैसे चंचल बिजली क्षण भर अपनी चमक दिखाकर वज्रपात करने लग जाती है, उसी प्रकार नियति भी पहले लोगों पर सुख की चमक दिखाती है और फिर वज्र के समान भीषण दुःख गिराने लग जाती है।

बाणभट्ट
quote

मैं नियति के चक्कर में ही घूम रही हूँ—विश्राम की मंज़िल मुझे कब तक मिलेगी।

नलिनीबाला देवी
quote

भाग्य को पुरुषार्थ के द्वारा कौन मिटा सकता है।

वेदव्यास
quote

कस्तूरी बहुत काली और करूप होती है पर काँटे पर तोली जाती है। परंतु हे राजिया! शक्कर बहुत सुंदर होने पर भी पत्थरों से तोली जाती है।

कृपाराम खिड़िया
quote

भाग्य का लेख कौन टाल सकता है?

कवि कर्णपूर

aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere

हिन्दवी उत्सव, 27 जुलाई 2025, सीरी फ़ोर्ट ऑडिटोरियम, नई दिल्ली

रजिस्टर कीजिए