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साँस पर उद्धरण

साँस संस्कृत शब्द ‘श्वास’

का प्रचलित हिंदी रूप है, जिसका अर्थ प्राणवायु का आवागमन या श्वसन की क्रिया है। साँस जीवन-मृत्यु के बीच का पुल है। भाषा ने इसके महत्त्व को श्वास-विषयक मुहावरों के विविध प्रयोगों के रूप में दर्ज किया है; जहाँ जीवन-मृत्यु के अतिरिक्त संकोच, विकलता, अवकाश, गुँजाइश जैसे कई अभिप्रायों की उत्पत्ति होती है। प्रस्तुत चयन में साँस को विषय बनाती कविताओं का संकलन किया गया है।

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चित्त की मग्नता श्वास की धीमी गति पर निर्भर करती है। भय, काम, क्रोध आदि हानिकारक भावावेगों की अवस्थाओं में, श्वास अनिवार्य रूप से तेज़ या असमान गति से चलता है।

परमहंस योगानंद
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हमें उस झूठी स्त्री को मार देना चाहिए जो जीवित स्त्री को साँस लेने से रोकती है।

एलेन सिक्सू
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जो गृहिणियाँ अपने पति को अख़बार के पीछे से घूर रही होती हैं, या बिस्तर पर उनकी साँसों को सुन रही होती हैं, वे किराए के कमरे में रहने वाली अविवाहिता से भी ज़्यादा अकेली हैं।

जेर्मेन ग्रीयर
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मुझे ख़ुद को साँस लेने के लिए याद दिलाना पड़ता है—दिल को भी धड़कने के लिए याद दिलाती हूँ।

एमिली ब्रॉण्टे
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अँग्रेज़ी अनुवाद में प्राण शब्द का अर्थ किया गया है श्वास। इससे तुम्हें सहज ही संदेह हो सकता है कि श्वास से संपूर्ण शरीर को कैसे पूरा किया जाए। वास्तव में यह अनुवादक का दोष है। देह के सारे अंगों को प्राण अर्थात् इस जीवनीशक्ति द्वारा भरा जा सकता है, और जब तुम इसमें सफल होंगे, तो संपूर्ण शरीर तुम्हारे वश में हो जाएगा; देह की समस्त व्याधियाँ, सारे दुःख तुम्हारी इच्छा के अधीन हो जाएँगे।

स्वामी विवेकानन्द
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यदि श्वास-प्रश्वास की गति लयबद्ध या नियमित की जाए, तो शरीर के सारे परमाणु एक ही दिशा में गतिशील होने का प्रयत्न करेंगे।

स्वामी विवेकानन्द
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जो चूहे के शब्द से भी शंकित होते हैं, जो अपनी साँस से चौंक उठते हैं, उनके लिए उन्नति का कंटकित मार्ग नहीं है। महत्त्वाकांक्षा का दुर्गम स्वर्ग उनके लिए स्वप्न है।

जयशंकर प्रसाद
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साँस रुकती है, उसे मौत कहते हैं। गति रुकती है, तब भी मौत है। हवा रुकती है, वह भी मौत है। रुकान सदा मौत है। जीवन नाम चलने का है।

हिमांशु जोशी
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प्रतिभा तो स्वतंत्रता के वातावरण में ही मुक्त साँस ले सकती है।

जॉन स्टुअर्ट मिल
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ऑक्सीजन की कमी दिमाग़ को थका देती है।

कृष्ण कुमार

aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere

हिन्दवी उत्सव, 27 जुलाई 2025, सीरी फ़ोर्ट ऑडिटोरियम, नई दिल्ली

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