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बेला

साहित्य और संस्कृति की घड़ी

24 सितम्बर 2024

‘‘जश्न-ए-फ़रीद काज़मी’ में खेला गया ‘मगध’’

‘‘जश्न-ए-फ़रीद काज़मी’ में खेला गया ‘मगध’’

गत दिनांक 16 सितंबर 2024 को ‘जश्न-ए-फ़रीद काज़मी’ का आयोजन किया गया। प्रयागराज स्थित स्वराज विद्यापीठ में यह कार्यक्रम शाम 5 बजे शुरू हुआ। यह तीन हिस्सों में संपन्न हुआ : • हमारी यादों में फ़रीद का

23 सितम्बर 2024

‘हम हैं मता-ए-कूचा-ओ-बाज़ार की तरह...’

‘हम हैं मता-ए-कूचा-ओ-बाज़ार की तरह...’

मुन्नवर राना कह गए हैं :  “ये बाज़ार-ए-हवस है तुम यहाँ कैसे चले आए ये सोने की दुकानें हैं यहाँ तेज़ाब रहता है” बाज़ार चीज़ों के साथ क्या करता है, इसके जवाब में कई ख़ूब मिसालें आपको मिल जाएँगी।

22 सितम्बर 2024

सेक्टर 36 : शहरों की नहीं दिखने वाली ख़ौफ़-भरी घटनाओं का रियलिस्टिक थ्रिलर

22 सितम्बर 2024

सेक्टर 36 : शहरों की नहीं दिखने वाली ख़ौफ़-भरी घटनाओं का रियलिस्टिक थ्रिलर

कभी-कभी सिनेमा देखने वालों को भी तलब होती है कि ऐसा कोई सिनेमा देखें जो उनके भीतर पनप रहे कोलाहल या एंग्जायटी को ऐसी ख़ुराक दे जिससे उनके दिल-ओ-दिमाग़ को एक शॉक ट्रीटमेंट मिले और वह कुछ ज़रूरी मानवीय मू

21 सितम्बर 2024

आपातकाल से अघोषित आपातकाल के बीच

आपातकाल से अघोषित आपातकाल के बीच

गए दिनों ज्ञान प्रकाश की किताब ‘आपातकाल आख्यान’ आई। राजकमल प्रकाशन से आई इस किताब में, उन्होंने 1975 में लगी इमरजेंसी की चर्चा की है। ज्ञान प्रकाश अमेरिका की प्रिंसटन यूनिवर्सिटी में प्रोफ़ेसर हैं। य

20 सितम्बर 2024

महाभारत : वीरता के आवरण में

महाभारत : वीरता के आवरण में

उपनिवेशित समाजों पर अपनी क़ब्ज़ेदारी को न्यायोचित ठहराने के लिए उपनिवेशकों ने यह बहाना गढ़ा था कि इन समाजों में वैयक्तिक उत्कर्ष की लालसा नहीं है। न ही वे एक समुदाय के रूप में ख़ुद को गठित कर पाने में स

19 सितम्बर 2024

कल से शुरू हो रहा है इंडिया हैबिटैट सेंटर थिएटर फ़ेस्टिवल

कल से शुरू हो रहा है इंडिया हैबिटैट सेंटर थिएटर फ़ेस्टिवल

रंगमंचप्रेमियों के लिए इंडिया हैबिटेट सेंटर थिएटर फ़ेस्टिवल का नया संस्करण आयोजित किया जा रहा है। फ़ेस्टिवल का यह संस्करण 20 सितंबर से 29 सितंबर 2024 तक इंडिया हैबिटैट सेंटर लोधी रोड़ में आयोजित किया

19 सितम्बर 2024

हिंदी के चर्चित घड़ी-प्रसंग की घड़ी बंद होने के बाद...

हिंदी के चर्चित घड़ी-प्रसंग की घड़ी बंद होने के बाद...

घड़ी तो सब ही पहनते हैं। कई सौ सालों पहले जब पीटर हेनलेन ने पहली घड़ी ईजाद की होगी, तो उसके बाप ने भी नहीं सोचा होगा कि एक दिन ये इतनी ज़रूरी चीज़ साबित होगी कि दुनिया हिल जाएगी। दानिशमंद लोग कहते

18 सितम्बर 2024

फिर से हो रहा है 'ठेके पर मुशायरा'

फिर से हो रहा है 'ठेके पर मुशायरा'

नाट्य संस्था साइक्लोरामा अपने नए नाटक ‘ठेके पर मुशायरा’ का एक बार फिर से मंचन करने जा रहा है। यह नाटक 21 सितंबर 2024 को एलटीजी सभागार, मंडी हाउस, नई दिल्ली में खेला जाएगा। इसके पिछले प्रदर्शनों को दर

17 सितम्बर 2024

इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रावास के दिन

इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रावास के दिन

इलाहाबाद विश्वविद्यालय में पढ़ने आना एक मुश्किल भरा सफ़र रहा। इलाहाबाद आने के बाद, रहने के लिए कमरा मिलना एक बड़ी समस्या थी। इस समस्या का स्थाई समाधान तब हो गया, जब मुझे विश्वविद्यालय के एक छात्रावास

16 सितम्बर 2024

जापान डायरी : एक शहर अपने आर्किटेक्चर से नहीं लोगों से बनता है

जापान डायरी : एक शहर अपने आर्किटेक्चर से नहीं लोगों से बनता है

पहली कड़ी से आगे... जनवरी 2020 यह मेरी सर्दी की छुट्टियों की पहली किश्त है। आशा है दूसरी किश्त को लिखने में इतना समय नहीं लूँगी। कल ओसाका की फ्लाइट है, हमें सुबह 8 बजे निकलना है। मैं खाने की

हिन्दवी उत्सव, 27 जुलाई 2025, सीरी फ़ोर्ट ऑडिटोरियम, नई दिल्ली

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