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बेला

साहित्य और संस्कृति की घड़ी

19 अक्तूबर 2026

‘‘चम्पवा की कलियाँ’ से जापान तक : प्रवास और सांस्कृतिक अंतर-माध्यमिकता की कथा’

‘‘चम्पवा की कलियाँ’ से जापान तक : प्रवास और सांस्कृतिक अंतर-माध्यमिकता की कथा’

जब किसी भाषा का गीत अपनी भौगोलिक सीमा पार करके किसी दीगर सांस्कृतिक धुन, वाद्य, नृत्य और संवेदना से जुड़ता है, तो वह केवल संगीत का इस्तेमाल नहीं रह जाता। वह इतिहास, स्मृति और मनुष्यों की अंतर-माध्यमिक

05 अक्तूबर 2026

कठपुतली : डोरियों में बसी सदियों पुरानी लोक-स्मृति

कठपुतली : डोरियों में बसी सदियों पुरानी लोक-स्मृति

कठपुतली कला मानव सभ्यता की उन प्राचीन लोक-अभिव्यक्तियों में से एक है, जिनमें मनोरंजन, शिक्षा, धार्मिकता और सामाजिक चेतना का अद्भुत समन्वय दिखाई देता है। ‘कठपुतली’ शब्द ‘कठ’ (लकड़ी) और ‘पुतली’ (गुड़िय

17 जुलाई 2026

मुकुल शि‍वपुत्र : समदरसी है नाम तिहारो, चाहो तो पार करो

मुकुल शि‍वपुत्र : समदरसी है नाम तिहारो, चाहो तो पार करो

समदरसी है नाम तिहारो, चाहो तो पार करो ठुमरी सुनी। ख़याल भी। इंदौर और देवास में स्टेज के सामने दरी पर बैठकर घंटों सुना और जी भर के देखा भी उन्हें। लेकिन इन आयोजनों के दीगर कभी पकड़ में नहीं आए। बहु

28 जून 2026

कोहबर : मिथिला की लोक-आस्था की सांस्कृतिक विरासत

कोहबर : मिथिला की लोक-आस्था की सांस्कृतिक विरासत

कलाएँ मानवीय अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम होती हैं। प्राचीन काल से ही मनुष्य अपनी अभिव्यक्ति कलाओं के विविध रूपों में करता आया है। उसकी कल्पनाओं के आदिम अवशेष आज भी लोक कलाओं में चिह्नित किए जा सकते है

27 मार्च 2026

भारतीय रंग-संस्थाओं पर मँडराता मौन संकट

भारतीय रंग-संस्थाओं पर मँडराता मौन संकट

इतिहास की कुछ घटनाएँ ऐसी होती हैं जिन्हें लोग उसी समय पहचान लेते हैं। वे स्पष्ट होती हैं और उनका असर तुरत दिखाई देने लगता है। लेकिन कला और संस्कृति की दुनिया में बदलाव अक्सर इस तरह सामने नहीं आते। कई

27 मार्च 2026

विलेम डैफ़ो का वक्तव्य : ‘जीतने के लिए आपका उपस्थित होना ज़रूरी है’

विलेम डैफ़ो का वक्तव्य : ‘जीतने के लिए आपका उपस्थित होना ज़रूरी है’

संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) के अंतर्गत संचालित इंटरनेशनल थिएटर इंस्टीट्यूट (International Theatre Institute – ITI), पेरिस की कार्यकारी परिषद् प्रत्येक वर्ष किसी

08 मार्च 2026

बॉम्बे जयश्री की संगीत यात्रा

बॉम्बे जयश्री की संगीत यात्रा

मनुष्य होने के नाते हमारी स्मृतियाँ ही हमारी सबसे बड़ी पूँजी हैं। इन्हीं स्मृतियों के सहारे हम अपने अतीत को अर्थ देते हैं, वर्तमान को समझते हैं और भविष्य की दिशा तय करते हैं। यदि कोई व्यक्ति इस विश्व

25 जनवरी 2026

पंडित छन्नूलाल मिश्र : तकलीफ़ में गाने से ही सिद्धि मिलती है

पंडित छन्नूलाल मिश्र : तकलीफ़ में गाने से ही सिद्धि मिलती है

अगर हम गा पाते तो गाकर आपका बखान करते महाराज! लेकिन हमारी ज़िंदगी में लय नहीं है उतनी, इसमें खरज ज़्यादा है, ज़िंदगी का रियाज़ नहीं है, यह बेसुरी हो जाती है—बार-बार। इसलिए हम सिर्फ़ लिख पाएँगे। हम कोशिश क

05 दिसम्बर 2025

बीथोवन के संगीत के लिए

बीथोवन के संगीत के लिए

दुनिया को हिटलर के ‘होलोकास्ट’ के लिए नहीं, बीथोवन की ‘सिम्फ़नी’ के लिए याद रखा जाना चाहिए। हिटलर की नफ़रत से और उसके द्वारा की गईं यहूदियों और उनके बच्चों की हत्याओं के बाद भी यह दुनिया ख़त्म नहीं ह

03 जून 2025

पत्र : अभिभावकों-सहयात्रियों-कला में विश्वास रखने वालों के नाम

पत्र : अभिभावकों-सहयात्रियों-कला में विश्वास रखने वालों के नाम

भोपाल   25 मई 2025 प्रिय अभिभावकों, सहयात्रियो और कला में विश्वास रखने वालों के प्रति... विहान ड्रामा वर्क्स : ‘स्वप्नयान—बाल नाट्य कार्यशाला’ में भाग लेने वाले सभी बच्चों के अभिभावकों को ढेर