साहित्य और संस्कृति की घड़ी
28 जुलाई 2026
हिंदी आलोचना के वृहत् परिदृश्य में नामवर सिंह की उपस्थिति एक ऐसे मील के पत्थर की तरह है, जिनका व्यक्तित्व और कृतित्व दोनों ही गहन बौद्धिक ऊर्जा और उतने ही गहरे विवादों से निर्मित और विकसित हुए। वह केव
“यक़ीनन आप यही जानना चाहेंगे कि मैंने कितनी बार विवाह किया है? या फिर मैं दिन में कितनी बीड़ियाँ पीती हूँ? क्या मैं व्हिस्की के एक गिलास के बिना रह सकती हूँ?” जब जीवन के उत्तरार्ध में किसी बड़ी ले
28 जुलाई 2026
गताध्याय से आगे... पाँच दोस्ती के बारे में कई ज्योतिषियों ने दो बातें बताईं। पहली बात यह कि इस कलिकाल में सच्ची मित्रता के अकाल का योग है, हज़ार वाट का बल्ब लेकर ढूँढ़ते रह जाओगे; एक वाट का भी म
आज शशिभूषण द्विवेदी [26 जुलाई 1975—7 मई 2020] की जन्मतिथि है। वह आज सदेह होते, तब आज उनका बावनवाँ वर्ष लग जाता। एक रचनाकार रचना के लिए एक कंदरा का निर्माण करता है। इस कंदरा में वह संसार से थक-भागकर छ
उन दिनों मैं मौसी के घर रहकर बारहवीं की परीक्षा दे रही थी। मेरे साथ उसी गाँव की एक लड़की परीक्षा देने जाती थी। उस सुबह भी हम दोनों पेपर देने साथ जा रहे थे, जब रास्ते में उसकी नज़र सड़क के एक किनारे झ
22 जुलाई 2026
लोग कुंभ या माघ मेले में पुण्य की कामना लेकर प्रयागराज आते हैं, किंतु मुझे मेले में जाने पर न जाने क्यों ख़ुद को खो देने का भय लगता है। फिर अपने पापों का हिसाब भी भला कौन रखता है! सच तो यह है कि जब-ज
21 जुलाई 2026
गताध्याय से आगे... चार यह सच तो यह कि जंकामंका युग से पहले हिंदी विभाग का डंका बजता था। रामकाव्य, जायसी, भारतीय उपन्यास आदि पर केंद्रित शानदार राष्ट्रीय संगोष्ठियाँ यादगार थीं। हर बार मशहूर सि
21 जुलाई 2026
व्यक्ति जब पीछे मुड़कर अपनी ज़िंदगी को देखता है, तो बहुत-सी चीज़ें धुँधली दिखाई देने लगती हैं। जहाँ से चले थे और जहाँ आकर ठहरे हैं, उनके बीच की दूरी ही उस धुँधलाहट का कारण बनती है। कब 2023 से 2026
दुनिया और ज़िंदगी को ठहरकर नहीं, घर से निकलकर ही देखा जा सकता है। ज़िंदगी को जानने और समझने के लिए ठहराव ज़रूरी है, लेकिन उम्मीद और नाउम्मीदी से भरी तमाम यात्राओं के बाद। हमारी ज़िंदगी ट्रेन जैसी रफ़
लगभग दो दिन बीत चुके हैं किसी किताब को उठाए या ध्यान से कुछ पढ़े हुए। कहीं मन ही नहीं लग रहा। वह तो बार-बार भावुक हुआ जाता है। कई बार रोने का मन करता है। संवेदना की कितनी ही लहरें शरीर के पूरे हिस्से
हिन्दवी उत्सव, 27 जुलाई 2025, सीरी फ़ोर्ट ऑडिटोरियम, नई दिल्ली
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