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Gertrude Stein

1874 - 1946 | دوسرا

کی

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एक साधारण बेटी के संग यदा-कदा पहचान को बदल देने से बेटे का निर्माण नहीं हो जाता।

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एक छोटे कलाकार के पास एक महान कलाकार के सभी त्रासिक दुःख और संताप होते हैं और वह महान कलाकार नहीं होता।

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तुम आकर्षित करते हो वो जो एक प्रेमी के तौर पर तुम्हारी ज़रूरतें हैं।

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दया और दवा में कोई एहसानमंदी नहीं है। अगर उधार लेना प्राकृतिक नहीं हो तो देने का कोई अर्थ भी है।

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जीनियस बनने में बहुत समय लगता है। बहुत देर तक बैठे रहना पड़ता है—बिना कुछ करते हुए, सच में बिना कुछ करते हुए।

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दया से लालिमा आती है, निर्दयता से त्वरित एक ही प्रश्न, एक आँख से अनुसंधान जन्मता है, चयन से कष्टप्रद मवेशी।

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एक बहुत महत्त्वपूर्ण चीज़ यह है कि ऐसा मन बना लें कि आप कोई भी एक चीज़ हैं।

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उद्धरण के होने से पहले प्रश्न का आना नहीं होता।

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अगर तुम किसी के बारे में कुछ अच्छा नहीं कह सकते तो मेरी बग़ल में आकर बैठो।

रिमार्क्स साहित्य नहीं हैं।

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बहुत ज़ोर से या फिर ख़ूब निष्ठा से बेहोश होती हुई।

शब्दों का कोई भी क्रम एक आनंद के बजाय क्या हो।

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धूल साफ़ है, अगर सघनता से है।

साहित्य—रचनात्मक साहित्य—सेक्स से असंबद्ध होकर—अचिंतनीय है।

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पुनरावृत्ति जैसी कोई चीज़ नहीं है, केवल आग्रह हैं।

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अगर तुम्हें सब मालूम होता तो क्रिएशन नहीं डिक्टेशन होता।

सवेरे में अर्थ होता है, शाम में महसूस करना।

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मनोरंजक पक्ष यह है कि जितनी जल्दी जितना कम हो सके, उतना ही अवश्यंभावी है ज़रूरतों का अवसान।

कोई भी उत्तर नहीं है, कोई भी उत्तर नहीं होने वाला है,कोई भी उत्तर कभी नहीं हुआ है,यही तुम्हारा उत्तर है।

अगर सभी इतने अकर्मण्य नहीं होते तो उन्हें मालूम होता कि सुंदरता सुंदरता ही है, चाहे जब वह चिड़चिड़ी और उत्तेजक हो, केवल तभी नहीं जब वह स्वीकार्य और शास्त्रीय हो।

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उस हिंसक प्रकार के आनंद का क्या मतलब है, अगर उससे थक पाने में कोई सुख ही नहीं हो तो।

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चीनी सब्ज़ी नहीं है।

अपनी सीमाओं के भीतर के भीतर तुम अतिसाधारण हो, लेकिन तुम्हारी सीमाएँ अतिसाधारण हैं।

एक अकेली छवि वैभव नहीं है।

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हिन्दवी उत्सव, 27 जुलाई 2025, सीरी फ़ोर्ट ऑडिटोरियम, नई दिल्ली

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