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जब मनुष्य अपने अंदर युद्ध करने लगता है तब वह अवश्य ही किसी योग्य होता है।
उसने सत्य बातें कहीं किंतु उन्हें ग़लत नाम दिए।
कौन जानता है कि संसार आज रात्रि में ही समाप्त नहीं हो जाएगा?
ईश्वर पूर्ण कवि है जो स्वयं अपनी रचनाओं का अभिनय करता है।
क्षमा करना अच्छा है। भूल जाना सर्वोत्तम है।