जे. के. रोलिंग के उद्धरण
यह मेरा विश्वास है कि आम तौर पर सच झूठ से बेहतर होता है।
हर मानव जीवन का समान महत्त्व है, और वह बचाने लायक़ है।
ख़ुशियाँ हमें मिल सकती हैं—बुरे से बुरे समय में भी, अगर थाम कर रखें रौशनी का दामन।
मृतकों पर दया मत करो… ज़िंदा लोगों पर तरस खाओ, और, सबसे ज़्यादा उन पर जो प्यार के बिना रहते हैं।
जब हम मृत्यु और अँधेरे को देखते हैं, तो हम अज्ञात से डरते हैं और कोई बात नहीं है।
सच्चाई किताब की गहराइयों में छुपी होती है, बस उसे पढ़ने की देर है।
जब आपने मेरे जितना जीवन देखा लिया होगा, तब आप जुनूनी प्रेम की शक्ति को कम नहीं आँकेंगे।
अत्यधिक ज्ञान मनुष्य का सबसे बड़ा ख़ज़ाना है।
अगर आप जानना चाहते हैं कि कोई व्यक्ति कैसा है तो उसका वह व्यवहार ध्यान से देखिए जो वह अपने बराबरी वालों के साथ नहीं, बल्कि अपने अधीनस्थ लोगों के साथ करता है।
हमारे दुश्मनों का सामना करने के लिए बहुत बहादुरी की ज़रूरत है, लेकिन हमारे दोस्तों का सामना करने के लिए भी उतनी ही बहादुरी चाहिए।
आओ हम रात में क़दम रखें और उस चंचल प्रलोभन, रोमांच का पीछा करें।
जिज्ञासा बुरी चीज़ नहीं है, लेकिन साथ में सतर्कता ज़रूरी है।
मुश्किलों से भरा वक़्त आने वाला है। हमारे सामने दो रास्ते होंगे—एक सही और एक आसान।
लोगों को दूसरों के सही होने की तुलना में ग़लत होने पर क्षमा करना कहीं अधिक आसान लगता है।
सपनों में खोए रहना और जीना भूल जाना अच्छी बात नहीं है।
हमारी असलियत हमारी योग्यता से ज़ाहिर नहीं होती, बल्कि हमारे फ़ैसलों से होती है।
सुव्यवस्थित मन के लिए, मृत्यु बस एक और साहसिक कारनामा है।
उदासीनता और उपेक्षा अक्सर साफ़ नापसंद करने से अधिक नुक़सान पहुँचाती है।
थोड़ी देर के लिए दर्द को सुन्न कर देने से दर्द तब और भी तेज़ होगा, जब आप अंततः इसे महसूस करेंगे।
यह महत्त्वपूर्ण नहीं है कि कोई किस हैसियत में पैदा हुआ है, बल्कि यह महत्त्वपूर्ण है कि वह बड़ा होकर क्या बन जाता है।
हमें अपनी दुनिया को बदलने के लिए जादू की ज़रूरत नहीं है। अपनी ज़रूरत की सारी शक्ति पहले से ही हमारे पास है।
मैं अपनी किताबों में उस तरह के जादू में विश्वास नहीं करती, लेकिन मुझे विश्वास है कि जब आप अच्छी किताब पढ़ते हैं तो कोई जादुई घटना घट सकती है।
हत्या करना इतना आसान नहीं है, जितना कि भले लोग मानते हैं।
हम केवल तब तक ही मज़बूत हैं, जब तक हम एकजुट हैं; जैसे ही हम विभाजित होंगे—हम कमज़ोर पड़ जाएँगे।
हम सभी इंसान हैं, क्या हम नहीं हैं?