गुस्ताव फ़्लॉबेयर के उद्धरण
जब आप किसी स्त्री को लेखन में उतार लेते हैं, तो वह आपको हज़ारों अन्य स्त्रियों के बारे में सोचने पर मजबूर कर देती है।
कला से प्रेम करो। सभी झूठों में से, यह सबसे कम असत्य है।
लेखक को जीवन में भी समुद्र की तरह उतरना होगा, लेकिन केवल नाभि तक।
लेखन कठिनाई भरा जीवन है, लेकिन केवल यही जीने लायक़ है।
ईश्वर संसार को समझाने के लिए स्वप्न में देखा गया एक शब्द मात्र है।
भाषा की कितनी दयनीय दरिद्रता है! सितारों की तुलना हीरे से करना!
अपने जीवन में नियमित और व्यवस्थित रहो, ताकि तुम अपने लेखन में हिंसक और मौलिक बन सको।
हम इन मृतात्माओं को अपने दिल में किस तरह रखते हैं। हममें से प्रत्येक व्यक्ति अपने भीतर अपना क़ब्रिस्तान रखता है।
वह सभी उपन्यासों की नायिका थी, सभी नाटकों की नायिका थी, सभी काव्य-पुस्तकों की अस्पष्ट ‘वह’ थी।
ऐसा बिंदु आता है, जब आप लिखना बंद कर देते हैं और अधिक सोचते हैं।
कोई व्यक्ति जो करता है, उसमें माहिर हो सकता है; लेकिन वह जो महसूस करता है, उसमें कभी नहीं।
यात्रा व्यक्ति को विनम्र बनाती है। आप देखते हैं कि दुनिया में आपका स्थान कितना छोटा है।
शांत रहें : संयम में असमर्थ कोई भी व्यक्ति कभी लेखक नहीं बना।
लेखक को अपनी पुस्तक में ब्रह्मांड में ईश्वर की तरह होना चाहिए, जो हर जगह मौजूद है और कहीं भी दिखाई नहीं देता है।
सरल होना कोई छोटी बात नहीं है।
दूसरे लोगों के दिलों को महसूस करने के लिए आपके पास दिल होना चाहिए।
हर चीज़ को समझने की कोशिश करने से, हर चीज़ मुझे सपने दिखाने लगती है।
मैं नहीं मानता कि ख़ुशी संभव है, लेकिन मुझे लगता है कि शांति संभव है।
ख़ुशी पहले प्रत्याशा में मिलती है, बाद में स्मृति में।
ख़ूबसूरत चीज़ें कुछ नहीं बिगाड़तीं।
जीवन का एक भी कण ऐसा नहीं है जिसके भीतर कविता न हो।
सबसे महत्त्वपूर्ण बात आत्मा को ऊपर रखना है।
लेखन की कला आप जो मानते हैं, उसे खोजने की कला है।
ईश्वर विवरण में है।
प्रतिभा लंबा धैर्य है और मौलिकता इच्छाशक्ति और गहन अवलोकन का प्रयास है।
और वह चाँद को देखता है—गतिहीन प्रकाश से भरे बर्फ़ के गोल टुकड़े की तरह।
विचार सबसे बड़ा सुख है—ख़ुशी स्वयं केवल कल्पना है—क्या आपने कभी अपने सपनों से अधिक किसी चीज़ का आनंद लिया है?
उदासी एक बुराई है।
किसी भी चीज़ को अगर आप काफ़ी देर तक देखते रहें तो वह दिलचस्प हो जाती है।
कोई सच्चाई नहीं है। केवल धारणा है।
आप अच्छे इरादों से कला की रचना नहीं कर सकते हैं।