Font by Mehr Nastaliq Web

मनुष्यता पर कविताएँ

मनुष्यता

मैथिलीशरण गुप्त

गंगा-जल

बच्चा लाल 'उन्मेष'

सौभाग्य

तादेऊष रूज़ेविच

अंश

मिक्लोश राद्नोती

हम दोनों

शहबाज़ रिज़वी

शोधन

तादेऊष रूज़ेविच

ईश्वर और मनुष्य

वैशाली थापा

बम का व्यास

येहूदा आमिखाई

जाहिल और दुष्ट

पॉल इल्यार

दुबारा आगमन

विलियम बटलर येट्स

अंतहीन कहानी

ऑटो द सोला

सो जाओ

मिक्लोश राद्नोती

ईश्वर और फ़रिश्ते

डैनियल वाएसबोर्ट

ईश्वर क्या है?

डैनियल वाएसबोर्ट

वन

गुलाब नबी फ़िराक़

अहं का उद्भव

पाब्लो अर्मांदो फर्नांदेस

धरती जानती है

येहूदा आमिखाई

आविष्कारक

रेने शार

किसको पता है क्या हो रहा है

हुआन रामोन हिमेनेज़

इक लावारिस सवाल

रमेश क्षितिज

आदमखोरों के नाम पत्र

तादेऊष रूज़ेविच

भूख

अदूनिस

गिफ़्ट्स

शू तिंङ्

अंदर से एक

अन्ना स्विर

तरस आता है

मात्स त्रात

मानवीय आँखें

मिशियो माडो

लोग मुझे चाहेंगे

अत्तिला योझेफ

एनाटॉमी की एटलस

ज़्वोनीमीर गोलोब

जितना ऊँचा उठता है आदमी

शेषेन्द्र शर्मा

नवागंतुक जीव

थाङ्जम इबोपिशक सिंह

मेमने की गंध

पूजा जिनागल

कामना

वैशाली थापा

aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere

संबंधित विषय

हिन्दवी उत्सव, 27 जुलाई 2025, सीरी फ़ोर्ट ऑडिटोरियम, नई दिल्ली

रजिस्टर कीजिए