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पल पर कविताएँ

वह

अलेक्सांद्र ब्लोक

बादाम के फूल

ज्योर्जोस द्रोसिनिस

शाल एक रेशमी

महमूद दरवेश

इस वक़्त कहने को कुछ नहीं

शुन्तारो तानीकावा

घटना

कोलिन फ़ाल्क

बुरा क्षण

रफ़ाइल अलबर्ती

एक क्षण

पी. बी. शेली

अंकन

ज़्बीग्न्येव हेर्बेर्त

इक लावारिस सवाल

रमेश क्षितिज

खेल के बाद

वास्को पोपा

एक दुर्लभ क्षण

हरेकृष्ण डेका

वे क्षण

अलेक्सांद्र ब्लोक

'लम्हा'

बबली गुज्जर

एक क्षण आता है

पद्मा गोले

अकेला

राजेन्द्र शाह

हवाएँ

सर्गेई येसेनिन

हम लड़-के

खेमकरण ‘सोमन’

कॉफ़ी

मंगेश पाडगाँवकर

ज़िंदगी

कंचन बुटोला

घूमना

जनमेजय

ओट

मनोज छाबड़ा

धीमा ज़हर

गुरुमेल

पीछा करते हुए

गौतम कुमार

इस पल

अर्पिता धमीजा

एकांत के क्षण

मनोज छाबड़ा

पेपर श्रेडर

द्वारिका उनियाल

कल

श्वेतांक सिंह

ऐसे क्षण में

कुसुमाग्रज

इक क्षण में...

श्री श्री

aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere

हिन्दवी उत्सव 2026

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