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पत्र पर कविताएँ

पत्र बातों और भावनाओं

को शब्दों में प्रकट कर संवाद करने का एक माध्यम है। प्रस्तुत चयन में उन कविताओं का संकलन किया गया है, जिनमें पत्र प्रमुख तत्त्व और प्रसंग की तरह कविता में उपस्थित हुए हैं।

प्रेमपत्र

बद्री नारायण

प्रेमपत्र

सुधांशु फ़िरदौस

बिछड़ने की आशंकाएँ

नवीन रांगियाल

आख़िरी चिट्ठी

बाबुषा कोहली

हे मेरी तुम

केदारनाथ अग्रवाल

पोस्टकार्ड (4)

मिक्लोश राद्नोती

माँ

ज़्बीग्न्येव हेर्बेर्त

पत्र जो भेजा न जा सका

वेसेलिन आन्द्रेयेव

रात और अंधड़

कोलिन फ़ाल्क

एक कमरे में इकट्ठा

येहूदा आमिखाई

यह उत्कट जिप्सी प्रेम

मारीना त्स्वेतायेवा

मार्था को पत्र

डेनिस ब्रूटस

अवरुद्ध

अंकिता आनंद

पुरानी चिट्ठियांँ

फैदोर त्यूतशेव

कभी नहीं सोचा था

सुरजीत पातर

खुले वाक्य

हैदर एरगुलेन

पत्र

कजाल अहमद

आया नहीं आज कोई पत्र

अन्ना अख्मातोवा

बारिश

सौरभ अनंत

माँ को पत्र

सर्गेई येसेनिन

लालसा

मीरास्लाव कृलैझा

आदमखोरों के नाम पत्र

तादेऊष रूज़ेविच

भेजना

त्रिभुवन

हस्ताक्षर

सुदीप सोहनी

आख़िरी चिट्ठी

गीत चतुर्वेदी

ख़ुसरो के नाम ख़त

कैलाश वाजपेयी

तेहरान ख़त

इराज ज़ियाई

जीवन-पत्र

शेषेन्द्र शर्मा

सरहद पार के मित्र को पत्र

टॉमस ट्रांसट्रोमर

रात-गाड़ी

वीरेन डंगवाल

प्रेमपत्र

सौरभ अनंत

एक पत्र का उत्तर

मक्सिम तान्क

एक पत्र का आरंभ

दानियल द्रगोयेविच

पत्र

द्रागो इवानीषेविच

लेटर बॉक्स

शिवम चौबे

नदी के नाम

परमिंदरजीत

ख़त

राही डूमरचीर

अगर तुम वह चिट्ठी खोलो

रिषर्द क्रिनीत्स्की

संपादक को पत्र

कृष्ण कल्पित

aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere

हिन्दवी उत्सव, 27 जुलाई 2025, सीरी फ़ोर्ट ऑडिटोरियम, नई दिल्ली

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