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एहसास पर कविताएँ

अहसास ही रंगतें

यानिस रित्सोस

बादाम का वृक्ष

निकेफ़ोरॉस व्रेताकॉस

उतनी ही जगह में

सी. पी. कवाफ़ी

एक बूढ़ी ग़रीब औरत

विलियम कार्लोस विलियम्स

आँखें

गरिमा सिंह

प्रेम-विराग

गरिमा सिंह

प्रेम

गरिमा सिंह

स्पर्श

गरिमा सिंह

मनुष्यता

गरिमा सिंह

आत्मा का शोक

गरिमा सिंह

मीठा ज़हर

गरिमा सिंह

सुकून

गरिमा सिंह

अभागा कवि...

योगेंद्र पांडेय

ख़्वाबों का लिबास

अब्दुल रहीम चंदा

पिता से बातचीत

शैलेंद्र शैल

धूप का धर्म

अमित उपमन्यु

सोचना

सिद्धांत 'रेखानंदन'

वो

मुक्ति प्रिया

तीस से

आकाश वर्मा

बात यह नहीं है

तेजी ग्रोवर

लकीर हाथों की

सीमा असीम सक्सेना

अन्य पुरुष

अमित उपमन्यु

विद्रोह

अर्पिता धमीजा

तनाव में बहिनें

कृष्ण चंद्र मिश्रा

हम सब चलते-चलते

मुक्ति प्रिया

नवेली

प्रफुल्ल शिलेदार

भूख की कविता

पूर्णिमा साहू

होना तुम्हारा

सीमा असीम सक्सेना

शर्म

जनमेजय

समर्पित एहसास

अलका सिन्हा

मैं दुखी नहीं हूँ

कर्मदेव पाठक

कल का संगीत

अवकेश कुमार प्रजापति

उन्हें देखना नहीं आया

दुर्गेश कुमार सजल

काया में कस्तूरी

प्रमिला शंकर

एक कविता

ममता जयंत

इस पल

अर्पिता धमीजा

aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere

हिन्दवी उत्सव, 27 जुलाई 2025, सीरी फ़ोर्ट ऑडिटोरियम, नई दिल्ली

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