
कुत्ते भी बोलते हैं, लेकिन केवल उन्हीं से जो सुनना जानते हैं।

'कुकरहाव' गँजही बोली का शब्द है। कुत्ते आपस में लड़ते हैं और एक-दूसरे को बढ़ावा देने के लिए शोर मचाते हैं। उसी को कुकरहाव कहते हैं।

गंभीर हाथी मदमस्त होकर अपनी मौज से चला जा रहा है। हे राजिया! कुत्ते क्यों रो-रोकर भौंकते है?
aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere