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सभ्यता पर कविताएँ

इन्का

क्रेग रेन

हुगली

अय्यप्प पणिक्कर

अश्वेत व्यक्ति और नदियाँ

लैंग्स्टन ह्यूज़

दुबारा आगमन

विलियम बटलर येट्स

टूटकर चाहना

गरिमा सिंह

ट्रॉय

बोगोमिल ग्युजेल

कतय अछि हमर देश

ललितेश मिश्र

जिमूतवाहन

हरेकृष्ण झा

मकड़ी

पूर्णिमा साहू

नदी, देश की बेटी

ऐश्वर्या तिवारी

घूँघट

वंदना

सभ्यता की बुनियाद

गौरव त्रिपाठी

अंतस का अनुवाद

सोनू यशराज

मुश्किल

जनमेजय

साँप

आकाश वर्मा

कोई तो थे

ओम पुरोहित ‘कागद’

बीज

प्रियंकर पालीवाल

मणिपुर

निवेदिता झा

काला मानव

वेदपाल ‘दीप’

किसी दिन

पल्लवी विनोद

aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere

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