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पहचान पर कविताएँ

तलाशी

यानिस रित्सोस

कोई मतलब नहीं

नज़्वान दर्विश

हुलिया

महमूद दरवेश

किसी मलमास साल में

येहूदा आमिखाई

एक रोमन उपनिवेश

सादी यूसुफ़

एक अंधा आदमी

होर्खे लुइस बोर्खेस

आधे-अधूरे

महमूद दरवेश

एक बादल उकेरता है

डेविड इग्नटाओ

वह जो भूलता है

येहूदा आमिखाई

जेरुसलेम

नज़्वान दर्विश

भयभीत

सिल्विया प्लाथ

सराहना

नज़्वान दर्विश

चुका हुआ नाम

गाब्रियल ओकारा

कविता-उत्सव में

नज़्वान दर्विश

एक दो तीन चार

लैंग्स्टन ह्यूज़

तीन नुक़्ते

शुकरु एरबाश

कोरोना का रिक

डब्ल्यू. एस. रेण्ड्रा

चार्ली की उदास तिथि

रफ़ाइल अलबर्ती

अज्ञात नागरिक

डबल्यू. एच. ऑडेन

दर्पण

ओका मसाफुमि

एकुआदोर

ख़ोर्ख़े एनरीके आदोउम

पाइस्सी अब भी पास है

एफ्तीम एफ्तीमोव

उत्तर प्रदेश

ऊगो पादेलेत्ती

मुख या मुखौटा

यानिस रित्सोस

कारोनी की संतान

कृष्णा ए. सामारू

एक कवि से बातचीत

मिरोस्लाव होलुब

प्रतिचित्र

डेरेक वाल्कॉट

ख़ुफ़िया चीज़ें

सी. पी. कवाफ़ी

दो बार निष्कासित

यानिस रित्सोस

भीड़ में

निकोलाई रेरिख

उत्तरजीवी

पर्ल इंटू स्प्रिंगर

परिचय

वास्को पोपा

प्राणी की विशेष पहचान

सर्गेई येसेनिन

भगोड़ा

डेविड डियॉप

टूटा हुआ दरवाज़ा

यानिस रित्सोस

कुली ओडिसी

डेविड डाबिदीन

मार्का लगाओ उन पर

येहूदा आमिखाई

पनामा रक्षित

ख़ोसे फ्रांको

पुनरान्वेषण

कोफ़ी अवूनोर

aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere

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