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परिवर्तन पर कविताएँ

एक रोमन उपनिवेश

सादी यूसुफ़

दिन-ब-दिन

हुआन रामोन हिमेनेज़

प्रहसन

यूजीनियो मोंताले

मुर्ग़े की बांग

यानुष षुबेर

नया ज़माना

बेर्टोल्ट ब्रेष्ट

रेप

वैशाली थापा

परिवर्तन

हेलमूट त्सेंकर

परिवर्तनमयता

पर्सी बिश शेली

अन्हरिया भागी कइसे

कृष्णानन्द कृष्ण

बदलाउ

श्यामसुंदर मिश्र 'मधुप'

अन्तरु आइगा

श्यामसुंदर मिश्र 'मधुप'

हाय राम का करी

श्यामसुंदर मिश्र 'मधुप'

चलै लाग पछियाहु

भारतेंदु मिश्र

कतना बदल गइल बा गाँव

ब्रजभूषण मिश्र

चेतउनी

बलभद्रप्रसाद दीक्षित 'पढ़ीस'

"हम" अउ "तुम"

बलभद्रप्रसाद दीक्षित 'पढ़ीस'

जमाना मोबाइल

जगजीवन मिश्र ‘जीवन’

नहि रहत अहिना

अरुणाभ सौरभ

मर्सिया

गुफरान जीलानी

घन छाये

श्यामसुंदर मिश्र 'मधुप'

अनुरोध

सुस्मिता पाठक

का बाँचल रहे?

तैयब हुसैन पीड़ित

संकट

विभूति आनंद

अनिवार्य छैक उपक्रम

सुस्मिता पाठक

भूमिपुत्र

राजेश राजभर

जड का चेतन से क्या नाता...

ज्ञानराज माणिकप्रभु

aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere

हिन्दवी उत्सव, 27 जुलाई 2025, सीरी फ़ोर्ट ऑडिटोरियम, नई दिल्ली

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