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निजता पर कविताएँ

मीठक मर्म

विवेकानन्द ठाकुर

हम हेरै छी अपन मिथिला

अशोक कुमार दत्त

कतना बदल गइल बा गाँव

ब्रजभूषण मिश्र

ऑनलाइन

रघुनाथ मुखिया

अप-टू-डेट समाज

चन्द्रनाथ मिश्र ‘अमर’

झुझुआन होइत गाम

रघुनाथ मुखिया

के उसकाओत टेमी?

चन्द्रनाथ मिश्र ‘अमर’

कण्ठक छिना रहल बोल

चन्द्रनाथ मिश्र ‘अमर’

ग्लोबल गामक गीत

विकास वत्सनाभ

थाती ने गमबियौ

अशोक कुमार दत्त

सृजनक दीप जरबैत

दीपिका चन्द्रा

सिंहावलोकन

चन्द्रनाथ मिश्र ‘अमर’

कविता—2

मधुकर गंगाधर

हतास

बिभा विमर्श

ला बुफादोरा

श्याम दरिहरे

aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere