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बेला

साहित्य और संस्कृति की घड़ी

05 सितम्बर 2024

‘टूटते आदर्श की दरारों के बीच विचरण करते इंस्टाग्राम युग के छात्र’

‘टूटते आदर्श की दरारों के बीच विचरण करते इंस्टाग्राम युग के छात्र’

(नोट : इस रेखाचित्र में एक शिक्षक ने अपनी निराशा को क़ैद किया है। यदि आपका हृदय फूलों की तरह कोमल है, तो यह रेखाचित्र सावधान होकर पढ़ें। उसमें दाग़ लग सकते हैं।) यहाँ से न जाने कितनी ट्रेनें-बसें चल

05 सितम्बर 2024

गुरु-शिष्य-परंपरा : कुछ नोट्स

गुरु-शिष्य-परंपरा : कुछ नोट्स

भारतीय जन-मानस में एक कॉमन सेंस घर कर गया है—सिखाने वाला बड़ा होता है, सीखने वाला छोटा; इसलिए छोटे का सीखने के लिए बड़े के सामने समर्पण करना ज़रूरी है। यह समर्पण इंसान को ‘विनम्र’ बनाता है, इसी समर्प

05 सितम्बर 2024

शिक्षकों के लिए होमवर्क

शिक्षकों के लिए होमवर्क

ख़ाली वक़्त में फ़ंतासियाँ रचना या दूसरे ढंग से कहें तो फ़ंतासियों के बारे में सोचने के लिए ख़ाली वक़्त निकालना मेरे पसंदीदा कामों में से एक है। मेरी सबसे प्रिय फ़ंतासी यह है—जिसे सोचने में एलियन या

04 सितम्बर 2024

शिक्षक-शिक्षा-शिक्षण

शिक्षक-शिक्षा-शिक्षण

क्या क्रूर सत्ता, उग्र राष्ट्रवाद और बाज़ार प्रेरित तार्किकता से ग्रस्त समाज के लिए शिक्षण के पेशे में निहित गहरी दृष्टि और रचनात्मकता की सराहना और उसका परिपोषण करना संभव है? क्या वह समाज, जो अपनी शि

03 सितम्बर 2024

कलाकारों के जीवन की मार्मिक कहानी

कलाकारों के जीवन की मार्मिक कहानी

नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (National School of Drama) 23 अगस्त से 9 सितंबर 2024 के बीच हीरक जयंती नाट्य समारोह आयोजित कर रहा है। यह समारोह एनएसडी रंगमंडल की स्थापना के साठ वर्ष पूरे होन

02 सितम्बर 2024

हिमाचल के दुर्लभ कठार और पेछियों के ख़ाली पेट

हिमाचल के दुर्लभ कठार और पेछियों के ख़ाली पेट

हिमाचली गाँवों में एक समय था, जब पेछियों के पेट साल भरे-भरे रहते थे। उस समय जब कोई बच्चा ज़्यादा खाता था—तो उसे एक विशेषण से नवाज़ा जाता था कि इसका पेट तो पेछी है, जो कभी भरता ही नहीं। आज यह विशेषण भ

01 सितम्बर 2024

क्यों मिथिला की आत्मनिर्भर संस्कृति हो रही है छिन्न-भिन्न!

क्यों मिथिला की आत्मनिर्भर संस्कृति हो रही है छिन्न-भिन्न!

कहा जाता है ‘हमर मिथिला महान’ मतलब हमारा मिथिला महान! मिथिला का इतिहास काफ़ी समृद्ध रहा है। ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से यह बेहद महत्त्वपूर्ण क्षेत्र है। इसका इतिहास वैदिक काल (1500-500 ई. पू.) से प

31 अगस्त 2024

लैला-मजनूँ : मुहब्बत की वह मंज़िल जहाँ पहुँचना आसान नहीं

लैला-मजनूँ : मुहब्बत की वह मंज़िल जहाँ पहुँचना आसान नहीं

नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (National School of Drama) 23 अगस्त से 9 सितंबर 2024 के बीच हीरक जयंती नाट्य समारोह आयोजित कर रहा है। यह समारोह एनएसडी रंगमंडल की स्थापना के साठ वर्ष पूरे होन

30 अगस्त 2024

क्या है यह ‘बंद गली का आख़िरी मकान’?

क्या है यह ‘बंद गली का आख़िरी मकान’?

नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (National School of Drama) 23 अगस्त से 9 सितंबर 2024 के बीच हीरक जयंती नाट्य समारोह आयोजित कर रहा है। यह समारोह एनएसडी रंगमंडल की स्थापना के साठ वर्ष पूरे होन

29 अगस्त 2024

इस संसार की सुंदरता स्त्रियों के कंधे पर ही है

इस संसार की सुंदरता स्त्रियों के कंधे पर ही है

नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (National School of Drama) 23 अगस्त से 9 सितंबर 2024 के बीच हीरक जयंती नाट्य समारोह आयोजित कर रहा है। यह समारोह एनएसडी रंगमंडल की स्थापना के साठ वर्ष पूरे होन

हिन्दवी उत्सव, 27 जुलाई 2025, सीरी फ़ोर्ट ऑडिटोरियम, नई दिल्ली

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