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दर्शन पर बेला

15 अक्तूबर 2026

कमल-क्रंदन : एक प्रतीक से पुष्प की ओर…

कमल-क्रंदन : एक प्रतीक से पुष्प की ओर…

एक समय था जब मैं केवल एक फूल था किसी सरोवर का। मैं उस दिन सबसे अधिक प्रसन्न था, जिस दिन मेरा कोई नाम नहीं था। सूरज का प्रकाश मेरे ऊपर उतरता था, जल मुझे अपनी गोद में थामे रहता था और ओस की बूँदें आसमान

10 जुलाई 2026

अलंकार मिश्रा का क्या है!?

अलंकार मिश्रा का क्या है!?

एक दुबला-पतला आदमी अलंकार मिश्रा! बीड़ी (या...) पीते हुए रील्स में दिखता है। गाँव-क़स्बे जैसा बैकग्राउंड, बिना माइक की आवाज़, मुँह से धुँआ निकल रहा है। वीडियो इंटरेस्टिंग लगता है। हम उस पर रुकते हैं।

26 मई 2026

ज़िज़ेक से एक बातचीत

ज़िज़ेक से एक बातचीत

स्लावोज ज़िज़ेक प्रसिद्ध दार्शनिक और सांस्कृतिक आलोचक हैं। वह मार्क्सवाद, मनोविश्लेषण और हीगेल के विचारों से लेकर सिनेमा, पॉप कल्चर, पॉपुलर घटनाओं का इस्तेमाल करके समकालीन समय का क्रिटिक पेश करते हैं

20 मई 2026

रूपक-कथाएँ : स्वल्प-वासी

रूपक-कथाएँ : स्वल्प-वासी

मुज़म्मिल के लिए एक बग़ीची के पास पानी का नहीं, प्रतिध्वनियों का एक कुआँ था। जब स्वल्प-वासी उसमें झाँकता, तो उसे अपना चेहरा नहीं, अपनी आवाज़ दिखाई देती—धीरे-धीरे उतरती हुई, गहराई में। वह सुनता

11 नवम्बर 2025

पाप से अछूती देवी नहीं, करुणा से पवित्र हुई पापिनी!

पाप से अछूती देवी नहीं, करुणा से पवित्र हुई पापिनी!

सोन्या! वह जैसे ‘क्राइम एंड पनिशमेंट’ के उजाड़ नैतिक दृश्य से एक विसंगति रखती है। वह किसी आदर्श प्रतिमा की तरह नहीं गढ़ी गई है, बल्कि एक जीवित विडंबना है। कैसी स्त्री जो अँधेरे में दीप्त होती है!

13 सितम्बर 2025

त्याग नहीं, प्रेम को स्पर्श चाहिए

त्याग नहीं, प्रेम को स्पर्श चाहिए

‘लगी तुमसे मन की लगन’— यह गीत 2003 में आई फ़िल्म ‘पाप’ से है। इस गीत के बोल, संगीत और गायन तो हृदयस्पर्शी है ही, इन सबसे अधिक प्रभावी है इसका फ़िल्मांकन—जो अपने आप में एक पूरी कहानी है। इस गीत का वीड