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एकता पर गीत

उद्देश्य, विचार, भाव

आदि में एकमत होना एकता है। एकता में बल है। आधुनिक राज-समाज में विभिन्न आशयों में इस एकबद्धता की पुष्टि आदर्श साध्य है। इस समूहबद्धता का इतना ही महत्त्व शक्ति-समूहों के प्रतिरोध की संतुलनकारी आवश्यकता में है। कविता इन दोनों ही पक्षों से एकता की अवधारणा पर हमेशा से मुखर रही है।

साथी हाथ बढ़ाना

साहिर लुधियानवी

शहरिया से गाँव हो

रामबहादुर ‘अधीर पिण्डवी’

लोग मुसकइबे करी

रामबहादुर ‘अधीर पिण्डवी’

बेड़ी पड़ि गइल पाँव में

रामबहादुर ‘अधीर पिण्डवी’

मेहनतिया से जेकर जुटेला रोटिया

रामबहादुर ‘अधीर पिण्डवी’

नङटे नाचत देश

मार्कण्डेय प्रवासी

सुधार नइखे

रामबहादुर ‘अधीर पिण्डवी’

कवनो अइसन दिया बनी

रामबहादुर ‘अधीर पिण्डवी’

अंगना बंटइबे करी

रामबहादुर ‘अधीर पिण्डवी’

ना हटल मकड़जाला

तैयब हुसैन पीड़ित

aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere