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समाज पर गीत

आज का समाज

अन्नू रिज़वी

नमन बाटै

रामजियावान दास ‘बावला’

कहबामे असुविधा अछि

मार्कण्डेय प्रवासी

कब फूटल किरिनिया

मूंगालाल शास्त्री

हम्मर बेटा रामसन

धीरेन्द्र प्रेमर्षि

की बाजू?

मार्कण्डेय प्रवासी

सुधार नइखे

रामबहादुर ‘अधीर पिण्डवी’

ना अइलऽ बरिसात में

सूर्यदेव पाठक ‘पराग’

अगर महराज न बदलवा

रामजियावान दास ‘बावला’

लोग मुसकइबे करी

रामबहादुर ‘अधीर पिण्डवी’

प्रेम-प्रमाण

धीरेन्द्र प्रेमर्षि

हम भेटब

मार्कण्डेय प्रवासी

प्रेम-पराग

धीरेन्द्र प्रेमर्षि

तोरे बीनु लागे न जीया

भोलानाथ गहमरी

सुनगैत बारह मास

शान्ति सुमन

दर्द

रमाकान्त मुकुल

विद्यापतिक नोर

गंगेश गुंजन

समय कइसन आ गइल

रमाकान्त मुकुल

निशस्त्री प्रेम

धीरेन्द्र प्रेमर्षि

घूमत बाटे शान से

ब्रजभूषण मिश्र

प्रेम-वेदना

धीरेन्द्र प्रेमर्षि

प्रेमक खेती

धीरेन्द्र प्रेमर्षि

aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere