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छल पर ग़ज़लें

सभकर मिजाज बाटे

गहबर गोवर्द्धन

सब फूल हमरा

जौहर शफियाबादी

के बा आपन, कवन पराया

ब्रजभूषण मिश्र

गोलैसी

सुधांशु ‘शेखर’ चौधरी

सौतेलापन सगा दे गइल

तैयब हुसैन पीड़ित

मीत, जब मीत

मिथिलेश ‘गहमरी’

तीर करेजा के

मिथिलेश ‘गहमरी’

दोस हमरे गिनात बा

नागेन्द्र प्रसाद सिंह

aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere