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कल्पना पर कविताएँ

प्रेम-कविताएँ

जयंत शुक्ल

स्वप्न में

रॉबर्तो बोलान्यो

कल्पित मनुष्य

निकानोर पार्रा

मिलन का दिन

म्लादेन इस्सायेव

कल्पनाएँ

कार्लोस द्रमंद द अंद्रादे

डचेस की बिल्लियाँ

राफ़ाएल मेंदेज़ दोरिख़

यात्रा-पूर्व

ओका मसाफुमि

तत्काल स्थगित

सृष्टि वत्स

कल्पना नाम का एक बक्सा

ज़्बीग्न्येव हेर्बेर्त

गया मैं स्वर्णदेश

दुब्राव्को ष्कूर्ला

वाइन ग्लास

ओका मसाफुमि

तुम्हारा होना

जयंत शुक्ल

घास के घरउँदे

श्यामसुंदर मिश्र 'मधुप'

‘क’ से कितना कुछ होता है

श्रेया शिवमूर्ति

कल्पना करते कुछ लड़के

ऐश्वर्या तिवारी

हिमगिरि बाबा

श्यामसुंदर मिश्र 'मधुप'

एक कविता

नूर आलम नूर

बादर

बलभद्रप्रसाद दीक्षित 'पढ़ीस'

वहु

श्यामसुंदर मिश्र 'मधुप'

सूखि-डार

बलभद्रप्रसाद दीक्षित 'पढ़ीस'

दहसति का बागु

श्यामसुंदर मिश्र 'मधुप'

चमारिनि

बलभद्रप्रसाद दीक्षित 'पढ़ीस'

याक नागिनि

श्यामसुंदर मिश्र 'मधुप'

गुलाब

श्यामसुंदर मिश्र 'मधुप'

झाबरु

श्यामसुंदर मिश्र 'मधुप'

चंद्र-खिलौना

बलभद्रप्रसाद दीक्षित 'पढ़ीस'

घसियारिनि

बलभद्रप्रसाद दीक्षित 'पढ़ीस'

एक संसार

ऋद्धि गिरि

सोचना

सिद्धांत 'रेखानंदन'

कादम्बरी

ऋषिता सिंह

कल्पना और प्रेम

सिद्धांत 'रेखानंदन'

अंतरतम

मयंक यादव

द्वासरि दुनिया

बलभद्रप्रसाद दीक्षित 'पढ़ीस'

कवि-दरसन

सत्यधर शुक्ल

कवि

ऋद्धि गिरि

तुम्हारा घर

आकाश वर्मा

aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere