Font by Mehr Nastaliq Web

अवधी पर कविताएँ

कस परजवटि बिसारी

भारतेंदु मिश्र

घास के घरउँदे

श्यामसुंदर मिश्र 'मधुप'

तुम भाड़ा दइ पइहौ

रफ़ीक़ शादानी

चौबीस घंटा पहिले

रफ़ीक़ शादानी

हमयँ अब देखात हय

रफ़ीक़ शादानी

दसा-दुरदसा

आशाराम ‘जागरथ’

बुरा मनिहयँ

रफ़ीक़ शादानी

उल्लू हौ

रफ़ीक़ शादानी

गोबर न पइहौ

रफ़ीक़ शादानी

ओफ्ओह

रफ़ीक़ शादानी

आजादी

श्यामसुंदर मिश्र 'मधुप'

खिचरी

भारतेंदु मिश्र

बरखा बहार

आशाराम ‘जागरथ’

चलै लाग पछियाहु

भारतेंदु मिश्र

ए भइया

रफ़ीक़ शादानी

हाय राम का करी

श्यामसुंदर मिश्र 'मधुप'

पिसनहरी

भारतेंदु मिश्र

बीनापानि

श्यामसुंदर मिश्र 'मधुप'

इसारा करउ

जगजीवन मिश्र ‘जीवन’

अन्तरु आइगा

श्यामसुंदर मिश्र 'मधुप'

संसद मा अँधेरु भरा

श्यामसुंदर मिश्र 'मधुप'

काठ कै चिरइया

भारतेंदु मिश्र

बादाम कहित हय

रफ़ीक़ शादानी

जाति-दंस, बड़ा कलंक

आशाराम ‘जागरथ’

भवनु स्वराजि क्यार

श्यामसुंदर मिश्र 'मधुप'

उषा उठी मुसुकाइ

श्यामसुंदर मिश्र 'मधुप'

किसान की बिटिया

सत्यधर शुक्ल

पिया परदेसवा का गये

जगजीवन मिश्र ‘जीवन’

गीत

श्यामसुंदर मिश्र 'मधुप'

आँचइ मिलइँ, आँसू मिलइँ

श्यामसुंदर मिश्र 'मधुप'

का बतलाई

भारतेंदु मिश्र

रावन दहेज क्यार

श्यामसुंदर मिश्र 'मधुप'

हिमगिरि बाबा

श्यामसुंदर मिश्र 'मधुप'

खटका

श्यामसुंदर मिश्र 'मधुप'

कुपंथी औलाद

रफ़ीक़ शादानी

दहेजु न हम माँगी

जगजीवन मिश्र ‘जीवन’

देस की नइया

श्यामसुंदर मिश्र 'मधुप'

अबकी चुनाउ मा

जगजीवन मिश्र ‘जीवन’

कयिसि चकल्लस आई!

बलभद्रप्रसाद दीक्षित 'पढ़ीस'

नौजवान

श्यामसुंदर मिश्र 'मधुप'

नीक लोकतंत्रु भा

श्यामसुंदर मिश्र 'मधुप'

aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere

संबंधित विषय

हिन्दवी उत्सव, 27 जुलाई 2025, सीरी फ़ोर्ट ऑडिटोरियम, नई दिल्ली

रजिस्टर कीजिए