Font by Mehr Nastaliq Web

दृष्टिकोण पर कविताएँ

सौभाग्य

तादेऊष रूज़ेविच

वे चले गए

रफ़ाइल अलबर्ती

व्यस्तता

तादेऊष रूज़ेविच

नुक़्त-ए-नज़र

महमूद दरवेश

विवेचना

मुरीद बरघूती

मैं गड़रिया हूँ

फ़र्नांदो पेसोआ

तेंतीस पर

दिमितेर स्तेफानोव

पसंद अपनी-अपनी

व्लादिमीर मायाकोव्स्की

बिना तैयारी के

आदम ज़गायेव्स्की

आत्मस्वीकार

चेस्लाव मीलोष

अक्टूबर

व्लादिमीर होलन

मुझे एक जीनियस मिला

चार्ल्स बुकोवस्की

चोरी

अय्यप्प पणिक्कर

मूर्तिपूजक

कुओ मो-रो

जीना जानता था—जिया भी

एमिली डिकिन्सन

पूर्ण विराम

एरनेस्तो एनदारा

सूरज

अदूनिस

माहवारी

दामिनी यादव

दुइ टूक बात

बलभद्रप्रसाद दीक्षित 'पढ़ीस'

किहानी

बलभद्रप्रसाद दीक्षित 'पढ़ीस'

ई चान हमर अछि

ज्योत्स्ना चन्द्रम्

aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere

हिन्दवी उत्सव, 27 जुलाई 2025, सीरी फ़ोर्ट ऑडिटोरियम, नई दिल्ली

रजिस्टर कीजिए