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मिलान कुंदेरा

1929

मिलान कुंदेरा के उद्धरण

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जब कोई व्यक्ति कुछ भी या किसी को भी गंभीरता से नहीं लेता, वह उदास जीवन जीता है।

अनुवाद : सरिता शर्मा

एकांत : रूप की प्यारी-सी अनुपस्थिति।

अनुवाद : सरिता शर्मा

जब दिल बोलता है, तब मन को उस पर आपत्ति करना अभद्र लगता है।

अनुवाद : सरिता शर्मा

ताक़त के विरुद्ध मनुष्य का संघर्ष भूलने के विरुद्ध स्मृति का संघर्ष है।

अनुवाद : सरिता शर्मा

प्रेम की भावना हम सभी को दूसरे व्यक्ति को जानने की भ्रामक मिथ्या धारणा देती है।

अनुवाद : सरिता शर्मा

जो व्यक्ति अपनी गोपनीयता खो देता है, वह सब कुछ खो देता है; और जो आदमी जो इसे अपनी मर्ज़ी से त्याग देता है, वह राक्षस है।

अनुवाद : सरिता शर्मा

जब ताक़तवर लोग इतने कमज़ोर थे कि वे कमज़ोर को नुक़सान नहीं पहुँचा सकते थे, तब कमज़ोर व्यक्तियों को इतना मज़बूत होना चाहिए था कि वे चले जाते।

अनुवाद : सरिता शर्मा

आदमी अपनी अज्ञानता के लिए ख़ुद ज़िम्मेदार है।

अनुवाद : सरिता शर्मा

प्यार साम्राज्य की तरह होता है : जिस विचार पर वह आधारित होता है, जब वह चकनाचूर हो जाए, तब प्रेम भी फीका पड़ जाता है।

अनुवाद : सरिता शर्मा

हमें कभी भी भविष्य को स्मृति के बोझ के नीचे दब नहीं जाने देना चाहिए।

अनुवाद : सरिता शर्मा

सौभाग्यवश स्त्रियों में घटना घट जाने के बाद अपने कार्यों के अर्थ को बदलने की चमत्कारी क्षमता होती है।

अनुवाद : सरिता शर्मा

जब ताक़तवर लोग इतने कमज़ोर थे कि वे कमज़ोर को नुक़सान नहीं पहुँचा सकते थे, तब कमज़ोर व्यक्तियों को इतना मज़बूत होना चाहिए था कि वे चले जाते।

अनुवाद : सरिता शर्मा

ऐसी दुनिया में रहना नर्क में रहने के समान है, जहाँ किसी को माफ़ नहीं किया जाता और जहाँ सभी कभी सुधर सकने लायक़ हैं।

अनुवाद : सरिता शर्मा

क्या यह सच नहीं है कि लेखक केवल अपने बारे में लिख सकता है?

अनुवाद : सरिता शर्मा

प्यार उस आधे भाग के लिए चाह है जिसे हमने खो दिया है।

अनुवाद : सरिता शर्मा

जो आदमी उस जगह को छोड़ना चाहता है, जहाँ वह रहता है, वह दुखी आदमी है।

अनुवाद : सरिता शर्मा

इंसान का गुण स्वयं का विस्तार करने, स्वयं से बाहर निकलने और अन्य लोगों में और उनके लिए मौजूद रहने की क्षमता में निहित है।

अनुवाद : सरिता शर्मा

उसे औरत के रूप में पैदा होने के ख़िलाफ़ विद्रोह करना उतना ही मूर्खतापूर्ण लगा जितना कि उस पर गर्व करना।

अनुवाद : सरिता शर्मा

घृणा हमें हमारे विरोधी से बहुत मज़बूती से बाँधकर हमें अपने जाल में फँसा लेती है।

अनुवाद : सरिता शर्मा

हँसना गहराई से जीना है।

अनुवाद : सरिता शर्मा

स्वर्ग की तृष्णा मनुष्य के मनुष्य होने की ललक है।

अनुवाद : सरिता शर्मा

जीवन का महत्त्व क्या हो सकता है, अगर जीवन के लिए पहला पूर्वाभ्यास जीवन ही हो?

अनुवाद : सरिता शर्मा

आप दो व्यक्तियों के आपसी प्रेम को उनके द्वारा परस्पर बोले गए शब्दों से नहीं माप सकते हैं।

अनुवाद : सरिता शर्मा

दो लोगों का प्यार में दुनिया से दूर, अकेले होना, यह सुंदर है।

अनुवाद : सरिता शर्मा

मैं चाहता हूँ कि तुम उतने कमज़ोर हो जाओ जितना कमज़ोर मैं हूँ।

अनुवाद : सरिता शर्मा

प्यार या तो पागल है या कुछ भी नहीं है।

अनुवाद : सरिता शर्मा

एक उपमा भी प्यार को जन्म दे सकती है।

अनुवाद : सरिता शर्मा

कोई परिपूर्णता नहीं है, केवल जीवन है।

अनुवाद : सरिता शर्मा

हम कभी नहीं जान सकते कि हम क्या चाहते हैं, क्योंकि एक ही जीवन जीने के चलते, हम तो इसकी तुलना अपनी पिछली ज़िंदगियों से कर सकते हैं और ही इसे अपनी आने वाली ज़िंदगियों में सुधार सकते हैं।

अनुवाद : सरिता शर्मा

प्यार उस आधे भाग के लिए चाह है जिसे हमने खो दिया है।

अनुवाद : सरिता शर्मा

…चूँकि प्यार निरंतर पूछताछ है। मैं प्यार की इससे बेहतर परिभाषा के बारे में नहीं जानता।

अनुवाद : सरिता शर्मा

अगर आप अनंत की तलाश कर रहे हैं, तब बस अपनी आँखें बंद कर लीजिए!

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अनुवाद : सरिता शर्मा

ख़ुशी दुहराने की तड़प है।

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अनुवाद : सरिता शर्मा

जितनी अधिक अस्पष्टता होगी, आनंद उतना ही अधिक होगा।

अनुवाद : सरिता शर्मा

अगर एक बार उसके प्यार को प्रचारित कर दिया गया, तब उसका वज़न बढ़ जाएगा, वह बोझ बन जाएगा।

अनुवाद : सरिता शर्मा

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हिन्दवी उत्सव, 27 जुलाई 2025, सीरी फ़ोर्ट ऑडिटोरियम, नई दिल्ली

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