उचित उपाय से न किया हुआ प्रयास अन्य अनेक व्यक्तियों का आश्रय प्राप्त होने पर भी व्यर्थ हो जाएगा।
अपनी बुद्धि से मैं तो उन्हीं को मित्र समझता हूँ जो धन कम होने पर भी मित्रों का साथ देते हैं। क्योंकि जो अच्छी अवस्था में हैं, उनकी वृद्धियों में कौन साथ नहीं देगा?
आशा ही प्रेमी का सहारा है।
जब कोई महिला कुएँ में नीचे जा रही होती है, तो वह इस समझाइश को सबसे ज़्यादा नापसंद करती है कि उसे नीचे क्यों नहीं जाना चाहिए। ऐसे समय उसे किसी ऐसे व्यक्ति की आवश्यकता होती है, जो उसके नीचे जाते समय उसका साथ दे, उसकी भावनाओं को गौर से सुने और उसके दुख के साथ परानुभूति रखे। भले ही पुरुष महिला के पस्त महसूस करने का कारण पूरी तरह न समझ पाए, लेकिन इसके बावजूद वह उसे अपना प्रेम, ध्यान और समर्थन दे सकता है।
aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere