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संबंध पर कविताएँ

तुम्हारे साथ रहकर

सर्वेश्वरदयाल सक्सेना

प्रेमिकाएँ

अखिलेश सिंह

सरोज-स्मृति

सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला'

कुछ बन जाते हैं

उदय प्रकाश

रात दस मिनट की होती

विनोद कुमार शुक्ल

उदास लड़के

घुँघरू परमार

देना

नवीन सागर

ट्राम में एक याद

ज्ञानेंद्रपति

चाँदनी की पाँच परतें

सर्वेश्वरदयाल सक्सेना

यह कहकर

विनोद कुमार शुक्ल

शीघ्रपतन

प्रकृति करगेती

या

सौरभ अनंत

प्रेम के आस-पास

अमर दलपुरा

जाते हुए थोड़ा-सा जाना

विनोद कुमार शुक्ल

पार करना

प्रदीप सैनी

उसने कहा मुड़ो

वियोगिनी ठाकुर

अंतिम दो

अविनाश मिश्र

इच्छा

सौरभ अनंत

ओ मेरी मृत्यु!

सपना भट्ट

मैं उनका ही होता

गजानन माधव मुक्तिबोध

लड़के

नवीन रांगियाल

चौदह भाई बहन

व्योमेश शुक्ल

बिछड़ने की आशंकाएँ

नवीन रांगियाल

दो शहर एक रात

गौरव गुप्ता

ग़लत जगह

नवीन रांगियाल

काँक्रीट

नरेश सक्सेना

बहनें

असद ज़ैदी

आत्म-मृत्यु

प्रियंका दुबे

तुम्हारी सोहबत के फूल

कविता कादम्बरी

मन न मिला तो कैसा नाता

कृष्ण मुरारी पहारिया

प्रेमिकाएँ

सुदीप्ति

एक प्रश्न

सौरभ अनंत

aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere