घर पर पद
महज़ चहारदीवारी को ही
घर नहीं कहते हैं। दरअस्ल, घर एक ‘इमोशन’ (भाव) है। यहाँ प्रस्तुत है—इस जज़्बे से जुड़ी हिंदी कविताओं का सबसे बड़ा चयन।
aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere
घर नहीं कहते हैं। दरअस्ल, घर एक ‘इमोशन’ (भाव) है। यहाँ प्रस्तुत है—इस जज़्बे से जुड़ी हिंदी कविताओं का सबसे बड़ा चयन।
aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
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