Font by Mehr Nastaliq Web

पर्यावरण पर उद्धरण

quote

मनुष्य ने नियम-कायदों के अनुसार; अपने सजग ज्ञान द्वारा भाषा की सृष्टि नहीं की, और उसके निर्माण की उसे आत्म-चेतना ही थी। मनुष्य की चेतना के परे ही प्रकृति, परम्परा, वातावरण, अभ्यास अनुकरण आदि के पारस्परिक संयोग से भाषा का प्रारम्भ और उसका विकास होता रहा।

विजयदान देथा
quote

अगर हम अपने समय की सबसे बड़ी चुनौतियों—जलवायु के संकट से लेकर एक-दूसरे के प्रति हमारे उत्तरोत्तर बढ़ते जा रहे आविश्वास तक—से निपटना चाहते हैं, तो मुझे लगता है कि इसकी शुरुआत हमें मनुष्य के स्वभाव के बारे में, अपने दृष्टिकोण को बदलने के साथ करने की ज़रूरत है।

रुत्ख़ेर ब्रेख़्मान
quote

टेलीविज़न पर बड़े कॉर्पोरेट विज्ञापनदाता शायद ही कभी ऐसे कार्यक्रमों को प्रायोजित करते हैं जो कॉर्पोरेट गतिविधियों की गंभीर आलोचनाओं में संलग्न होते हैं, फिर चाहे पर्यावरण के स्तर में गिरावट की समस्या हो, चाहे सेना या औद्योगिक क्षेत्र के कामकाज के तरीक़े पर कोई बात कर रहा हो या कोई, तीसरी दुनिया में होने वाले तानाशाही रवैये के कॉर्पोरेट समर्थन और उनके द्वारा उठाए जाने वाले लाभ पर बात करे।

नोम चोम्स्की
quote

विकास अपने आपमें ही एक प्रक्रिया है; जो पर्यावरण की उपेक्षा, समुदायों के दीर्घकालीन माँगों की उपेक्षा करता है।

आशीष नंदी
quote

पर्यावरण की समस्या केवल प्राकृतिक संतुलन के बिगड़ने की समस्या नहीं है, बल्कि इसका संबंध आदमी की पूरी सोच और जीवन के प्रति उसके समग्र दृष्टिकोण से है।

केदारनाथ सिंह
quote

हमारी ज़मीन में रसायनों का ज़हर इस क़दर फैल चुका है कि प्रकृति का स्वतंत्र जीवन-चक्र अब उसमें चल ही नहीं सकता।

कृष्ण कुमार
quote

जब आप अपने जीवन, अपनी आदतें, अपने वातावरण को बदलना चाहते हैं, तो आपके साथ समय बिताने वाले लोग बदलने होंगे।

अशदीन डॉक्टर
quote

प्रतिभा तो स्वतंत्रता के वातावरण में ही मुक्त साँस ले सकती है।

जॉन स्टुअर्ट मिल
quote

अनुपम मिश्र सरीखा तरल, प्रांजल गद्य अभी बीस साल और लिखा जाए तो लोग समझ सकेंगे कि पर्यावरण संरक्षण जैसा जुमला विकास की लीला का ही अंग है—अवरोध नहीं।

कृष्ण कुमार
quote

किसी देश की भौगोलिक और वायुमंडलीय परिस्थितियों में कोई परिवर्तन होने पर भी उसके अंदर ज़बरदस्त सामाजिक परिवर्तन हो सकते हैं।

माओ ज़ेडॉन्ग
quote

कला का स्वाभाविक विकास स्वतंत्र वायुमंडल में हो सकता है—वह सीमा में बाँधी नहीं जा सकती, देश-काल के बंधन भी उसे संकुचित करते हैं, कोयल की भाँति वह अपने स्वरों से धरा-आकाश को भर देना देना चाहती है, लेकिन किसी के आदेश पर तान छेड़ने में उसे संकोच होता है।

हरिकृष्ण प्रेमी
quote

हमारा वातावरण निर्धारित करता है कि हम किस तरह के इंसान बन सकते हैं।

अशदीन डॉक्टर
quote

हमारी संस्कृति आरण्यक संस्कृति रही।

अमृतलाल वेगड़
quote

नेतृत्व देने की जगह अनुपम मिश्र ने उन तमाम लोगों और संगठनों और संस्थाओं को संबल दिया, जो पर्यावरण की समस्याओं के जंजाल में स्वयं को नाचीज़ और खोया हुआ महसूस कर रहे थे।

कृष्ण कुमार

aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere

हिन्दवी उत्सव, 27 जुलाई 2025, सीरी फ़ोर्ट ऑडिटोरियम, नई दिल्ली

रजिस्टर कीजिए