Font by Mehr Nastaliq Web

पक्षी पर उद्धरण

चिड़ियों का होना बहुत

सी चीज़ों का होना और बचा रहना है। इस चयन में चिड़ियों और पक्षियों पर लिखी गई कविताएँ संकलित हैं।

quote

देशप्रेम है क्या? प्रेम ही तो है। इस प्रेम का आकलन क्या है? सारा देश अर्थात् मनुष्य, पशु, पक्षी, नदी, नाले, वन, पर्वत सहित सारी भूमि। यह साहचर्यगत प्रेम है।

आचार्य रामचंद्र शुक्ल
quote

अपना दिमाग़ खोलो। तुम क़ैदी नहीं हो। तुम सपनों के लिए आसमान खोजने वाले, उड़ान भरने वाले पक्षी हो।

हारुकी मुराकामी
quote

चिड़िया अपनी उड़ान के दरमियान उड़ते-उड़ते एक जगह पहुँचती है, जहाँ से अत्यंत शांत भाव से वह नीचे की ओर देखती है। क्या तुम वहाँ पहुँच चुके हो? जो लोग वहाँ नहीं पहुँचे हैं, उन्हें दूसरे को शिक्षा देने का अधिकार नहीं। हाथ पैर ढीले करके धारा के साथ बह जाओ और तुम अपने गंतव्य पर पहुँच जाओगे।

स्वामी विवेकानन्द
quote

बुलबुल, मैना, चिड़ियों के नाम से बेटी का नाम रखने का रिवाज़ था। बेटी के नाम से चिड़िया का नाम रखने का रिवाज़ नहीं था।

विनोद कुमार शुक्ल
quote

मनुष्य और पक्षी में एकरूपता नहीं होती है, इसे छोटा बच्चा भी जानता है। उससे अगर मनुष्य का रेखाचित्र बनाने को कहा जाए तो वह एक तरह की रेखाओं का प्रयोग करेगा, जिन रेखाओं का व्यवहार पक्षी का चित्र बनाते समय वह बिल्कुल नहीं करता है।

अवनींद्रनाथ ठाकुर
quote

एक कहावत है कि जब उड़ता हुआ पक्षी थक जाता है, तब वह किसी भी पेड़ पर उतर जाता है।

न्गुगी वा थ्योंगो
quote

प्रसिद्धि के इच्छुक, विचार शून्यता के कारण सब ओर दौड़ते हुए मूर्ख लोग पक्षी की तरह ही उपहास योग्य होते

कल्हण
quote

पशु-पक्षी भी उपकार मानते हैं।

भास
quote

हवा के ताल-ताल पर जिस पक्षी के पंख नहीं चलना चाहते हैं, वह ऊँचा नहीं उड़ पाता है।

अवनींद्रनाथ ठाकुर
  • संबंधित विषय : हवा
quote

जंगल में रहने वाले पक्षी की उपेक्षा पिंजड़े का पक्षी ही अधिक फड़फड़ाता है।

शरत चंद्र चट्टोपाध्याय
quote

केवल सुंदर पंखों से सुंदर पक्षी नहीं बन जाते।

ईसप
  • संबंधित विषय : पंख
quote

प्यास से व्याकुल चातक पक्षियों के समूह जिनसे जल की प्रार्थना कर रहे हैं, ऐसे ये बादल, जल-भार से विनत, कर्ण-मधुर गर्जना करते हुए और अनेक धाराओं में बरसते हुए धीरे-धीरे चले जा रहे हैं।

कालिदास
quote

मैं पक्षियों की तरह गाना चाहता हूँ, इस बात की चिंता किए बिना कि कौन सुन रहा है या क्या सोच रहा है।

रूमी
  • संबंधित विषय : गीत

aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere

हिन्दवी उत्सव, 27 जुलाई 2025, सीरी फ़ोर्ट ऑडिटोरियम, नई दिल्ली

रजिस्टर कीजिए