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व्यवस्था पर कविताएँ

समय गीत

रोशन जनकपुरी

बिखाह मौसम

रोशन जनकपुरी

कुपंथी औलाद

रफ़ीक़ शादानी

सहरसा छी हम

मुख्तार आलम

कसक

कुमार विक्रमादित्य

चक्रचालि

रमानन्द रेणु

बिहारी मजदूर

ब्रजभूषण मिश्र

धंधा जनकल्यान

मोहनलाल यादव

लड़ाइ जारी अछि

विभूति आनंद

मेरा शहर

गरिमा सिंह

भेड़िया के नथुना घुमा देव

तैयब हुसैन पीड़ित

पूर्णतः

विभूति आनंद

व्यवस्थाक शव

गुफरान जीलानी

सफलताक आकाशमे

मुख्तार आलम

नायक हूँ

सतीश सम्यक

व्यवस्था

रमानन्द रेणु

कापुरूष क्रांति

तैयब हुसैन पीड़ित

व्यवस्था

दुर्गेश कुमार सजल

तमाशा

सुस्मिता पाठक

aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere

हिन्दवी उत्सव, 27 जुलाई 2025, सीरी फ़ोर्ट ऑडिटोरियम, नई दिल्ली

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