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मित्र को क्षमा करने की अपेक्षा शत्रु को क्षमा कर देना सरल है।
मूर्खों की सफलताओं की अपेक्षा बुद्धिमानों की ग़लतियाँ अधिक मार्गदर्शक होती हैं।
मैं चिंता नहीं करता कि मनुष्य पवित्र है या पापी। मैं केवल इस बात कि चिंता करता हूँ कि वह बुद्धिमान है या मूर्ख।
प्रेम अपनी प्रसन्नता को लक्ष्य नहीं बनाता और न ही अपनी कोई चिंता करता है, अपितु दूसरों को सुख देता है तथा नरक के नैराश्य में स्वर्ग की रचना कर लेता है।
यदि मूर्ख व्यक्ति अपनी मूर्खता में लगा रहे तो वह बुद्धिमान हो जाएगा।