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अज्ञात के पत्र
जयपुर से पत्र
अन्तर्देशीय पत्र कार्ड पता... ...जयपुर तारीख़... पूज्य पिता जी, सादर प्रणाम! परसों रात को हम सकुशल जयपुर पहुँच गए। हमारी यात्रा बहुत अच्छी रही। अध्यापकों ने हमारा बहुत ध्यान रखा। यहाँ मौसम अच्छा है। कल सुबह जलपान करके हम सब लोग जयपुर की सैर के
मित्र को पत्र
प्रिय मित्र अभिषेक, नमस्ते! आशा है कि तुम और परिवार में सभी सकुशल होंगे और गर्मी की छुट्टियों का आनंद ले रहे होंगे। मैं अपनी छुट्टियाँ मनाने अपने नाना-नानी के घर गुवाहाटी आया हुआ हूँ। गुवाहाटी भारत के पूर्वोत्तर प्रदेशों का प्रवेश-द्वार है।
पत्र
बफ़लो, न्यूयॉर्क 20 मार्च,1995 प्रिय नित्या, तुम्हारा 17 जनवरी का पत्र मिला। तुम प्रतियोगिताओं में भाग ले रही हो, ये पढ़कर बड़ा अच्छा और लगा। लेकिन एक बात ध्यान में रखना-जीतने पर घमंड से बचना और प्रथम न आने पर मन छोटा मत करना। जीत महत्त्वपूर्ण है
aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere