झुम्पा लाहिड़ी के उद्धरण
प्यार से पुकारे जाने वाले नाम बचपन की वह आख़िरी स्मृति है, जो हमें याद दिलाती है कि जीवन हर समय न तो कठोर होता है, न औपचारिक, न उलझा हुआ और यह भी कि हम हर व्यक्ति के लिए सब कुछ नहीं हो सकते।
आख़िरकार किसी भाषा को सीखने और उससे जुड़ाव महसूस करने के लिए संवाद आवश्यक है—चाहे वह कितना ही बचकाना क्यों न हो, कितना ही अपूर्ण क्यों न हो।
किताबों की यही विशेषता है—वे आपको बैठे-बैठे दूर-दूर तक यात्रा करा देती हैं।
लेखक होने का अर्थ है, सुनने से आगे बढ़कर यह कहना—'मेरी बात सुनो...'
किताबें वास्तविकता पर विजय पाने का सबसे उत्तम माध्यम हैं—निजी, संयत और विश्वसनीय।
जहाँ रहस्य लगातार घटते जा रहे हैं, उस दुनिया में भी अज्ञात का अस्तित्व अब भी बना हुआ है।
किसी न किसी तरह बुरी ख़बरें, चाहे वह कोलाहल में दबी हों या गूँजों में खोई हुई—फिर भी अपना रास्ता बनाकर अंततः सुनाई दे ही जाती है।
युद्ध क्रांति को जन्म देगा, और क्रांति युद्ध को ख़त्म कर देगी।
सेक्सी होने का मतलब है—किसी ऐसे व्यक्ति के प्रति आकर्षित हो जाना, जिसे आप जानते तक नहीं।
अपूर्णता आविष्कार, कल्पना और रचनात्मकता को प्रेरित करती है। यह उत्तेजित करती है। जितना अधिक मैं अपूर्ण महसूस करती हूँ, उतना ही अधिक मैं जीवंत महसूस करती हूँ।