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सच्चे अर्थों में हँसना, अपने दर्द को स्वीकार कर उसे खेल की तरह लेना है।
मेरा दर्द हो सकता है कि किसी की हँसी का कारण बने, लेकिन मेरी हँसी कभी किसी के दर्द का कारण नहीं बननी चाहिए।
इस ख़राब दुनिया में नियत कुछ भी नहीं है—हमारी मुश्किलें भी नहीं।
बिना कर्म के कल्पना का कोई अर्थ नहीं।
चालाकी से ज़्यादा, हमें दयालुता और सौम्यता की आवश्यकता है।
अर्थ की तलाश क्यों? जीवन आकांक्षा है—अर्थ नहीं।
तुम्हारी नग्न देह, केवल उन्हीं की होनी चाहिए जो तुम्हारी नग्न आत्मा से प्रेम करते हैं।
हम सोचते बहुत अधिक हैं, एहसास बहुत कम करते हैं।
जीवन एक त्रासदी है—निकट से देखने पर, लेकिन दूर से देखने पर एक कॉमेडी।
तुम इंद्रधनुष कभी नहीं देख सकोगे, यदि नीचे देखते रहे तो।
इंसान का असली चरित्र सामने तब आता है, जब वह नशे में होता है।
तुम पाओगे कि जीवन अब भी सार्थक है, अगर तुम बस मुस्कुरा दो।