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पत्नी पर कविताएँ

प्रस्तुत है कवि-पत्नी,

पत्नियों को समर्पित और कविता में पत्नियाँ विषयक कविताओं का एक अनूठा चयन।

सुनो चारुशीला

नरेश सक्सेना

तुम्हारे लिए

अष्टभुजा शुक्‍ल

हे मेरी तुम

केदारनाथ अग्रवाल

गृहस्थन होती लड़की

गोविंद माथुर

पति-पत्नी

निखिल आनंद गिरि

पत्नी

मनीषा जोषी

कोरोना में किचेन

श्रीप्रकाश शुक्ल

बेवफ़ा पत्नी

फेदेरीको गार्सिया लोर्का

मेरी माँ के लिए

एडगर एलन पो

विदा-समय

निकोला वाप्त्सारोव

आँगन

होर्खे लुइस बोर्खेस

दंपत्ति

ह्यूगो विलियम्स

उसकी थकान

भगवत रावत

कवि-पत्नियाँ

नीलाभ अश्क

कवि की पत्नी

इब्बार रब्बी

मुझे लगता है।

जयंत पाठक

दिनचर्या

रवि भूषण पाठक

मायके गई बीवी के लिए

जावेद आलम ख़ान

भीड़ का चेहरा

ज्योति शर्मा

पेहेउ अब न दारु

जगजीवन मिश्र ‘जीवन’

महुवाई गंध

अनुज लुगुन

कविता की क़ीमत

शिवांगी गोयल

म्यहरारू

बलभद्रप्रसाद दीक्षित 'पढ़ीस'

जमुन-जल तुम

केदारनाथ अग्रवाल

मृत्यु-भय

कुंदन सिद्धार्थ

रूठना

मिथिलेश कुमार राय

क्या जानूँ दिल को खींचे है

विष्णुचंद्र शर्मा

हो

विष्णु नागर

पत्नी के लिए

अरुण देव

घर में शोर

विष्णु नागर

वट सावित्री

अपूर्वा श्रीवास्तव

गृहदेवी

बलराम शुक्ल

अभिनय

प्रेमशंकर शुक्ल

रानी वह मेरी

चक्रधर राउत

एयर हॉस्टेस

लाइश्रम समरेन्द्र सिंह

aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere

हिन्दवी उत्सव, 27 जुलाई 2025, सीरी फ़ोर्ट ऑडिटोरियम, नई दिल्ली

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