संसार में संभव सभी अनुमानों और वर्णनों से किसी सड़क के प्राप्त होने वाले ज्ञान की तुलना में तुम्हें उस पर यात्रा करने से उस सड़क का अधिक ज्ञान प्राप्त होगा।
सड़क एक फिसलन भरा लालची गला है, जिसकी गहराइयों में शहर के भोजन के काले टुकड़ों जैसे जीवित लोग तैरते हैं।
सड़क रघुवीर सहाय के साहित्य का शायद सबसे चैतन्य जगत है—जिस तरह उनके समकालीनों के लिए प्रकृति, गाँव या प्राचीन आख्यान थे।
आख़िरकार , गलत रास्ता भी कहीं न कहीं ले ही जाता है।
aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere